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पटना की मेयर सीता साहू के बेटे शिशिर कुमार की घर वापसी, फिर थामा बीजेपी का दामन

पटना की मेयर सीता साहू के बेटे शिशिर कुमार ने फिर से BJP का दामन थाम लिया। टिकट नहीं मिलने पर उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन किया था, लेकिन अमित शाह से मुलाकात के बाद उन्होंने नामांकन वापस ले लिया।

01-Nov-2025 10:25 PM

By First Bihar

PATNA: बिहार की राजनीतिक गलियारों से बड़ी खबर राजधानी पटना से सामने आ रही है। जो पटना की मेयर सीता साहू के बेटे शिशिर कुमार से जुड़ी है। बीजेपी में शिशिर कुमार की घर वापसी हो गयी है। शिशिर फिर से बीजेपी में शामिल हो गये हैं। उन्होंने भाजपा का दामन आज थाम लिया है। 


बीजपी के बिहार प्रभारी धर्मेन्द्र प्रधान ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई। इस मौके पर बीजेपी के कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे। सभी की उपस्थिति में शिशिर कुमार ने भाजपा की सदस्यता हासिल की।  बता दें कि शिशिर कुमार को जब बीजेपी ने पटना साहिब से टिकट नहीं दिया। भाजपा से टिकट नहीं मिलने पर शिशिर ने बगावत का बिगुल फूंक दिया। जिसके बाद  उन्होंने पटना साहिब से निर्दलीय चुनाव लड़ने का मन बना लिया। उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप से पटना साहिब से नामांकन भी दाखिल कर दिया था। पटना साहिब वही विधानसभा सीट है जहां से विधानसभा अध्यक्ष नंदकिशोर यादव का टिकट काटकर रत्नेश कुशवाहा को मैदान में उतारा गया है।


शिशिर कुमार के निर्दलीय मैदान में उतरने से पटना साहिब सीट पर भाजपा के समीकरण जटिल हो गये। पार्टी के अंदरूनी मजबूत युवा चेहरे के रूप में देखे जाने वाले शिशिर का शहर के कार्यकर्ताओं पर गहरा प्रभाव था। उनकी उम्मीदवारी से पारंपरिक वोट बैंक में सेंध लगने का खतरा पैदा हो गया था। तभी केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शिशिर कुमार से मुलाकात की। जिसके बाद मामला सुलझ गया। पटना की मेयर सीता साहू के बेटे शिशिर कुमार ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जो नामांकन पर्चा भरा था, उसे वापस ले लिया।


नामांकन वापसी के बाद भाजपा ने राहत की सांस ली जिसके बाद शिशिर ने क्लियर कर दिया कि वे अब पूरी ताकत से भाजपा प्रत्याशी रत्नेश कुशवाहा को जिताने के लिए काम करेंगे। शिशिर ने कहा था कि मैं भाजपा का कार्यकर्ता हूं। नाराजगी थी, जिसे अमित शाह जी ने 10 मिनट तक ध्यान से सुना। उन्होंने पूरा सम्मान दिया और वही कार्यकर्ता के लिए सबसे बड़ी बात होती है। नित्यानंद राय से भी उन्होंने विस्तृत बातचीत की और नेतृत्व ने भरोसा दिया कि कार्यकर्ताओं की भावनाओं का सम्मान किया जाएगा।