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06-Aug-2025 08:14 AM
By First Bihar
Bihar News: राजधानी पटना में मंगलवार शाम को जक्कनपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वाहन चेकिंग के दौरान एक कार से 55 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। यह रकम तीन व्यक्तियों के पास से मिली, जो गुजरात के रहने वाले बताए जा रहे हैं। बरामद राशि के हवाला से जुड़े होने का संदेह जताया जा रहा है। मामले की जांच अब आयकर विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम कर रही है।
जानकारी के मुताबिक, जक्कनपुर थाने के थानाध्यक्ष रितुराज सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम मंगलवार की शाम न्यू बाइपास के मीठापुर पुल के नीचे वाहनों की नियमित जांच कर रही थी। इसी दौरान एक संदिग्ध कार को रोका गया, जिसमें तीन लोग सवार थे। पुलिस द्वारा पूछताछ और तलाशी के दौरान तीनों व्यक्तियों के व्यवहार में घबराहट और विरोध देखने को मिला। जब गाड़ी की तलाशी ली गई, तो उसमें रखे एक बैग से नोटों की गड्डियाँ मिलीं। जब नोटों की गिनती की गई, तो कुल रकम ₹55 लाख पाई गई।
गिरफ्तार लोगों की पहचान दर्शन भाई, कन्नू भाई और नीलेश के रूप में हुई है। तीनों मूल रूप से गुजरात के रहने वाले हैं, लेकिन पटना में ये सभी बोरिंग रोड इलाके में अस्थायी रूप से रह रहे थे। पूछताछ में तीनों ने खुद को एक गुजरात के टाइल्स कारोबारी का कर्मचारी बताया। उनका कहना है कि वे पटना में व्यापारिक ग्राहकों से पैसे इकट्ठा कर अपने मालिक तक पहुंचाने का काम करते हैं।
पुलिस ने तीनों के पास से तीन मोबाइल फोन जब्त किए हैं। इन मोबाइल में ₹10 और ₹20 के नोटों के सीरियल नंबरों की तस्वीरें मिली हैं, जिससे पुलिस को शक है कि यह पूरा मामला हवाला ट्रांजैक्शन या अघोषित नकदी के लेन-देन से जुड़ा हो सकता है। मोबाइल डाटा की फोरेंसिक जांच की जा रही है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आयकर विभाग को सूचित कर दिया है। शुरुआती जांच के आधार पर यह मामला अघोषित आय, टैक्स चोरी या हवाला नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है। आयकर विभाग की टीम अब यह जांच कर रही है कि क्या यह पैसा वैध व्यापारिक गतिविधि से जुड़ा है या किसी गैरकानूनी माध्यम से लाया गया है।
जब पुलिस ने तीनों से इस बड़ी रकम के स्रोत के संबंध में विधिवत दस्तावेज मांगे तो वे संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके। उनका जवाब बार-बार बदल रहा था, जिससे शक और गहराता गया। उनके पास से कोई रसीद, इनवॉइस, या वास्तविक ग्राहक का नाम और पता नहीं मिला। पटना पुलिस और आयकर विभाग अब इस मामले को एक अंतरराज्यीय हवाला नेटवर्क से जोड़कर देख रहे हैं। सूत्रों का मानना है कि राजधानी पटना में कैश कलेक्शन के जरिए काले धन का लेन-देन किया जा रहा था। आने वाले दिनों में इस मामले में कई और खुलासे हो सकते हैं।