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16-Nov-2025 08:42 AM
By First Bihar
Patna Airport News: पटना एयरपोर्ट पर शनिवार से दूसरा एयरोब्रिज औपचारिक रूप से चालू कर दिया गया है। नया एयरोब्रिज बोर्डिंग गेट नंबर 10 से जुड़ा है और डीजीसीए (DGCA) की स्वीकृति के बाद इसका संचालन शुरू हुआ। इस एयरोब्रिज से होकर गुजरने वाली पहली उड़ान एयर इंडिया की मुंबई–पटना–मुंबई सेवा रही, जिसने यात्रियों को सीधे डिपार्चर गेट से विमान तक पहुंचाया। एयरपोर्ट प्रबंधन का कहना है कि अब बोर्डिंग और डी-बोर्डिंग की प्रक्रिया पहले की तुलना में कहीं अधिक तेज और सुविधाजनक हो गई है।
एयरोब्रिज के सक्रिय होने के बाद यात्रियों को सबसे बड़ा लाभ समय की बचत का मिलेगा। पहले सुरक्षा जांच के बाद यात्रियों को बस में बैठकर विमान के पास पहुंचना पड़ता था और वहां उतरकर सीढ़ियों से चढ़ना होता था। इस प्रक्रिया में 15–20 मिनट आसानी से लग जाते थे। लेकिन अब एयरोब्रिज के माध्यम से यात्री सीधे गेट से विमान के दरवाजे तक पहुंच जाएंगे, जिससे बोर्डिंग और डी-बोर्डिंग में लगने वाला समय लगभग 3 मिनट रह गया है।
एयरपोर्ट प्रशासन का कहना है कि नया एयरोब्रिज यात्रियों को बारिश, धूप और भीड़ से राहत देने के साथ-साथ ऑपरेशनल समय को भी काफी कम करेगा। इससे एयरलाइंस के लिए भी विमान के ऑपरेशन की गति बढ़ेगी और फ्लाइट्स समय पर उड़ान भरेंगी।
नए टर्मिनल के उद्घाटन के समय गेट नंबर 9 पर पहला एयरोब्रिज लगाया गया था। अब गेट नंबर 10 से जुड़कर कुल दो एयरोब्रिज सक्रिय हो चुके हैं। एयरपोर्ट निदेशक सीपी द्विवेदी बताते हैं कि आगे गेट नंबर 11, 12 और 12A पर भी तीन और एयरोब्रिज लगाए जा रहे हैं। इनका काम तेजी से चल रहा है और इस साल के अंत तक सभी पांच एयरोब्रिज चालू हो जाने की संभावना है।
यह विस्तार पटना एयरपोर्ट की क्षमता में बड़ा बदलाव लाएगा और आने वाले वर्षों में यात्रियों की बढ़ती संख्या को आसानी से संभाल सकेगा। इसके अलावा, एयरपोर्ट की आधुनिक सुविधाओं में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
पुराने टर्मिनल भवन के टूटने के बाद एयरपोर्ट परिसर में छह नई पार्किंग स्पॉट बनाई जा रही हैं। फिलहाल तीन नई पार्किंग तैयार हो चुकी हैं और कुल आठ विमान एक साथ पार्क हो पा रहे हैं। तीन और पार्किंग एरिया बन जाने के बाद यह क्षमता बढ़कर 11 विमान हो जाएगी। एयरपोर्ट प्रशासन का कहना है कि इससे ऑपरेशन में लगभग 40 प्रतिशत तक समय की बचत होगी। विमान को पार्क करने, छोड़ने और अगले ऑपरेशन के लिए तैयार करने की प्रक्रिया काफी तेज हो जाएगी।
अभी पटना एयरपोर्ट से लगभग 45 विमानों का दैनिक संचालन होता है। लेकिन सभी पांच एयरोब्रिज लग जाने के बाद यह संख्या बढ़कर 75 फ्लाइट्स तक पहुंच जाएगी। यात्रियों के बैठने और उतरने में लगने वाला समय घटेगा, जिससे एयरलाइंस अधिक फ्लाइट्स चलाने के लिए तैयार होंगी। धूप या बारिश में यात्रियों के फंसने की संभावना भी समाप्त हो जाएगी।
पटना एयरपोर्ट लंबे समय से विस्तार और आधुनिकीकरण की जरूरत झेल रहा था। यात्रियों की भीड़ और सीमित स्थान के कारण ऑपरेशन के दौरान कई परेशानियां होती थीं। दूसरे एयरोब्रिज के शुरू होने के बाद बोर्डिंग और डी-बोर्डिंग की प्रक्रिया तेज, सुरक्षित और आरामदायक हो गई है।
एयरपोर्ट अथॉरिटी का दावा है कि आने वाले समय में और भी सुविधाएं जुड़ेंगी, जिससे पटना एयरपोर्ट देश के प्रमुख क्षेत्रीय एयरपोर्ट्स की श्रेणी में मजबूती से खड़ा हो सकेगा। इसमें यात्रियों के लिए आधुनिक लाउंज, बेहतर सुरक्षा व्यवस्था और डिजिटल गेटिंग सिस्टम जैसी सुविधाएं शामिल होंगी।
नए एयरोब्रिज और पार्किंग सुविधाओं के साथ, पटना एयरपोर्ट आने वाले वर्षों में बढ़ती यात्री संख्या को संभालने में सक्षम होगा और इसे पूर्वी भारत के एयर ट्रैवल हब के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।