मुंगेर में इंटर परीक्षार्थी 3 दिन से लापता, दोस्त पर अपहरण का आरोप RJD के पूर्व विधायक रियाजुल हक ने थामा JDU का दामन, लालू-तेजस्वी की पार्टी को बड़ा झटका 8 फरवरी से बिहार यात्रा पर निकलेंगे प्रशांत किशोर, हार के बाद जन सुराज को नए सिरे से खड़ा करने की तैयारी पूर्णिया में जमीन विवाद बनी बड़ी समस्या, शिवम मेडिकल कॉलेज निर्माण में अड़चन का आरोप नीट छात्रा की संदिग्ध मौत के बाद बड़ा फैसला: बिहार में गर्ल्स हॉस्टल-लॉज के लिए नियम सख्त, 24 घंटे महिला वार्डन अनिवार्य, जानिये पूरी गाईडलाइन झारखंड के गोड्डा हॉस्टल से फरार 4 नाबालिग बच्चे जमुई स्टेशन पर बरामद, GRP ने परिजनों से मिलाया PMCH और NMCH में फ्लाइंग स्क्वायड की रेड, पकड़ा गया दलाल सफाईकर्मी टर्मिनेट बिहार से लापता 3 नाबालिग बच्चियां दिल्ली से बरामद, पुलिस ने किया परिजनों के हवाले गुलज़ारबाग़ प्रिंटिंग प्रेस के दुर्लभ दस्तावेजों का डिजिटलीकरण, मुख्य सचिव ने किया निरीक्षण बदहाली का आलम देखिये: दिन के उजाले में मरीज का मोबाइल टॉर्च की रोशनी में हुआ ईलाज
05-Aug-2025 07:39 AM
By First Bihar
Bihar News: राजस्थान के कुख्यात गैंगस्टर दिलीपनाथ ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे बिहार की राजधानी पटना से पासपोर्ट बनवा लिया, जो कि 15 अप्रैल 2025 से 14 अप्रैल 2035 तक वैध है। यह पासपोर्ट पासपोर्ट कार्यालय, पटना से जारी किया गया था। अब यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़े फर्जीवाड़े के रूप में सामने आ रहा है, जिसमें कई राज्यों में कार्रवाई की तैयारी हो रही है।
राजस्थान पुलिस ने इस मामले में जीरो एफआईआर दर्ज कर इसे पटना के कोतवाली थाना भेज दिया है। स्थानीय पुलिस ने दिलीपनाथ समेत उसके तीन सहयोगियों नारायण दास, देवेंद्र उर्फ डेविड और मोनू के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
एफआईआर के अनुसार, दिलीपनाथ ने फर्जी पहचान का सहारा लेते हुए अपने आधार कार्ड में बिहार के गया जिले के इमामगंज का पता दर्ज करवाया। इसके आधार पर उसने पंजाब नेशनल बैंक, इमामगंज शाखा में खाता खुलवाया, ताकि पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया आसान हो सके। पासपोर्ट बनते ही वह आपराधिक गतिविधियों के बाद विदेश भागने की तैयारी में था, लेकिन समय रहते राजस्थान पुलिस ने इस साजिश को उजागर कर दिया।
राजस्थान पुलिस ने एफआईआर में दिलीपनाथ का विस्तृत आपराधिक रिकॉर्ड भी शामिल किया है। हाल ही में उस पर पुष्कर डांगी और उनके ससुर कूकाराम का अपहरण, ज़बरन जमीन का एग्रीमेंट करवाने और रंगदारी वसूलने के आरोप में मामला दर्ज हुआ था। इन गंभीर आरोपों के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया और उसके पास से फर्जी आधार कार्ड, पासपोर्ट और अन्य दस्तावेज बरामद किए गए। जांच के दौरान जब पासपोर्ट की वैधता और प्रक्रिया को खंगाला गया, तो पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।
पटना पुलिस को जानकारी मिली है कि दिलीपनाथ ने केवल बिहार ही नहीं, बल्कि देश के कई राज्यों में फर्जी कागजात तैयार कर रखे हैं। इस पूरे गिरोह का नेटवर्क अब पुलिस के रडार पर है। राजस्थान पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है और संबंधित सभी राज्यों में एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर चुकी है। वहीं, पटना पुलिस ने भी पासपोर्ट कार्यालय से दस्तावेजों की जांच करने की बात कही है। जल्द ही दिलीपनाथ का पासपोर्ट रद्द किया जा सकता है।