चैती छठ को लेकर पटना में ट्रैफिक एडवाइजरी जारी, कई मार्गों पर डायवर्जन और प्रतिबंध लागू चैती छठ को लेकर पटना में ट्रैफिक एडवाइजरी जारी, कई मार्गों पर डायवर्जन और प्रतिबंध लागू मनीष कश्यप पर 10 लाख की रंगदारी मांगने का आरोप, यूट्यूबर समेत 7 लोगों के खिलाफ केस दर्ज मनीष कश्यप पर 10 लाख की रंगदारी मांगने का आरोप, यूट्यूबर समेत 7 लोगों के खिलाफ केस दर्ज बिहार दिवस समारोह के स्टॉल में लगे पुराने फूल को देख मंत्री ने लगाई फटकार, कहा..बेटी की शादी में फ्रेश फूल लगाएंगे और सरकारी काम में बासी खेत में काम कर रही महिला पर भालू ने किया हमला, इलाके में दहशत का माहौल श्रीलंका में पेट्रोल-डीजल 400 रुपये पार, मिडिल ईस्ट संकट से बढ़ी महंगाई लॉज में रहकर तैयारी करने वाले छात्र-छात्राओं को फ्री में गैस सिलेंडर देंगे पप्पू यादव, पूर्णिया सांसद की बड़ी पहल मुजफ्फरपुर: शहीद जगवीर राय के लिए पप्पू यादव ने दिया महाधरना, दोषियों की गिरफ्तारी और स्पीडी ट्रायल चलाये जाने की मांग 11 साल बाद जिंदा घर लौटी 80 वर्षीया लीलावती, मृत समझ परिवारवाले हर साल मना रहे थे पुण्यतिथि
23-Jul-2025 05:40 PM
By First Bihar
PATNA: राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) विनय कुमार ने मीडिया से बातचीत को लेकर अपने पहले जारी आदेश पर 24 घंटे के भीतर यू-टर्न ले लिया है। पहले उन्होंने सभी पुलिस अधिकारियों को प्रेस को किसी भी प्रकार की बाइट या सूचना देने से रोक दिया था, लेकिन अब एक संशोधित आदेश जारी कर इसकी नई रूपरेखा तय की गई है।
पहला आदेश - “बाइट नहीं दें अधिकारी”
कुछ दिन पहले DGP विनय कुमार ने एक आदेश जारी कर कहा था कि पुलिस के किसी भी अधिकारी को मीडिया को सीधे बाइट या बयान नहीं देना है। इसका उद्देश्य पुलिस व्यवस्था में एकरूपता लाना और सूचनाओं के अनुशासित प्रसार को सुनिश्चित करना बताया गया था। लेकिन इस आदेश को लेकर कई स्तरों पर भ्रम और आलोचना की स्थिति बनी।
दूसरा आदेश – अब प्रेस को दी जाएगी अधिकृत जानकारी
अब नए आदेश में DGP ने अपने पहले निर्देश को आंशिक रूप से बदलते हुए एक नई व्यवस्था लागू की है। इस नए आदेश के अनुसार महत्वपूर्ण विषयों पर राज्य मुख्यालय (PHQ) के ADG एवं प्रवक्ता ही प्रेस नोट पढ़कर मीडिया को जानकारी देंगे। किसी विशेष प्रभाग से संबंधित जानकारी संबंधित प्रभाग के ADG द्वारा DGP की स्वीकृति के बाद ही मीडिया को दी जा सकेगी। जिलों में पहले की भांति वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP), पुलिस अधीक्षक (SP) या उनके द्वारा अधिकृत अधिकारी ही पत्रकारों को जानकारी देंगे।
क्या है इस बदलाव की वजह?
सूत्रों के अनुसार, पिछले आदेश को लेकर पुलिस अधिकारियों और मीडिया कर्मियों के बीच असमंजस की स्थिति बन गई थी। कई जिलों में जानकारी का प्रवाह रुक गया था, जिससे जनहित से जुड़ी सूचनाएं मीडिया तक नहीं पहुंच पा रही थीं। इसी के मद्देनज़र DGP ने एक नई व्यवस्था लागू कर संवाद के नियमों को स्पष्ट कर दिया है।
