मुंगेर में इंटर परीक्षार्थी 3 दिन से लापता, दोस्त पर अपहरण का आरोप RJD के पूर्व विधायक रियाजुल हक ने थामा JDU का दामन, लालू-तेजस्वी की पार्टी को बड़ा झटका 8 फरवरी से बिहार यात्रा पर निकलेंगे प्रशांत किशोर, हार के बाद जन सुराज को नए सिरे से खड़ा करने की तैयारी पूर्णिया में जमीन विवाद बनी बड़ी समस्या, शिवम मेडिकल कॉलेज निर्माण में अड़चन का आरोप नीट छात्रा की संदिग्ध मौत के बाद बड़ा फैसला: बिहार में गर्ल्स हॉस्टल-लॉज के लिए नियम सख्त, 24 घंटे महिला वार्डन अनिवार्य, जानिये पूरी गाईडलाइन झारखंड के गोड्डा हॉस्टल से फरार 4 नाबालिग बच्चे जमुई स्टेशन पर बरामद, GRP ने परिजनों से मिलाया PMCH और NMCH में फ्लाइंग स्क्वायड की रेड, पकड़ा गया दलाल सफाईकर्मी टर्मिनेट बिहार से लापता 3 नाबालिग बच्चियां दिल्ली से बरामद, पुलिस ने किया परिजनों के हवाले गुलज़ारबाग़ प्रिंटिंग प्रेस के दुर्लभ दस्तावेजों का डिजिटलीकरण, मुख्य सचिव ने किया निरीक्षण बदहाली का आलम देखिये: दिन के उजाले में मरीज का मोबाइल टॉर्च की रोशनी में हुआ ईलाज
07-Aug-2025 07:39 AM
By First Bihar
Bihar Flood: बिहार में गंगा नदी के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि के कारण पटना जिले के मनेर, दानापुर, पटना सदर, बाढ़ और मोकामा प्रखंडों में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। जिला प्रशासन के अनुसार अब तक 50,000 से अधिक की आबादी बाढ़ से प्रभावित है और लोगों का शहर की ओर पलायन शुरू हो गया है। प्रभावित इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए 35 नावें तैनात की गई हैं और सभी सीओ, बीडीओ और एसडीओ को हाई अलर्ट पर रखा गया है। जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम ने बुधवार को दीघा पाटीपुल, मीनार घाट, कुर्जी बिंदटोली घाट सहित अन्य क्षेत्रों का दौरा कर राहत व्यवस्था की समीक्षा की तथा पीड़ितों से संवाद किया।
गंगा नदी का जलस्तर लगातार प्रति घंटे 1 सेंटीमीटर से अधिक बढ़ रहा है। बीते 24 घंटे में गांधीघाट पर जलस्तर 49.57 मीटर से बढ़कर 49.87 मीटर, दीघाघाट पर 50.81 से 51.10 मीटर, मनेर में 52.74 से 52.99 मीटर, हाथीदह में 42.48 से 42.74 मीटर, और सोन नदी में कोईलवर पर 53.01 से 53.51 मीटर तक पहुंच गया है। निचले इलाकों की सड़कों पर पानी चढ़ चुका है, जिससे कई गांव पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। रामनगर दियारा पंचायत (अथमलगोला) के वार्ड संख्या 9, 10, 11 और 12 सबसे अधिक प्रभावित हैं, जहां ग्रामीण सड़क पर पानी भर गया है और संपर्क पूरी तरह कट गया है।
बाढ़ राहत कार्य के लिए जिला प्रशासन ने 11 कोषांगों का गठन किया है। इन टीमों में एसडीएम, डीएसपी, सीओ और थाना प्रभारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है ताकि जरूरतमंदों तक तुरंत राहत सामग्री पहुंचाई जा सके। पीड़ितों के लिए तीन शरणस्थली तैयार की गई हैं – नकटा दियारा (पाटीपुल), मीनार घाट और मरीन ड्राइव पर बिंदटोली के लोगों के लिए एक लेन में टेंट लगाया गया है। इन स्थानों पर सामुदायिक रसोई, चिकित्सा सुविधा और पशुओं के लिए चारा की भी व्यवस्था की गई है। बाढ़ और मोकामा में भी सामुदायिक रसोई कार्यरत है।
दानापुर के दियारा क्षेत्र में भी स्थिति भयावह होती जा रही है। जलस्तर बढ़ने के कारण लोग अपने मवेशियों और सामान के साथ ऊँचे स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। कुछ लोग बलदेव इंटर स्कूल में शरण लिए हुए हैं, तो कई अपने रिश्तेदारों के यहां आश्रय ले रहे हैं। डीएम ने सभी संबंधित अधिकारियों को अपने क्षेत्र में लगातार भ्रमण कर निगरानी बनाए रखने और ओवरलोडिंग से बचने की सख्त हिदायत दी है। आवश्यकता के अनुसार नावों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी।
जिला प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की आपात स्थिति या सूचना के लिए जिला आपातकालीन नियंत्रण कक्ष (0612-2210118) पर संपर्क करें। प्रशासन स्थिति पर पूरी तरह नजर रखे हुए है और राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरती जाएगी।