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13-Aug-2025 08:51 PM
By First Bihar
Bihar News: बिहार आने वाले समय में हवाई कनेक्टिविटी के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचने जा रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में 13 अगस्त को हुई कैबिनेट बैठक में छह नए ग्रीनफील्ड हवाई अड्डों के निर्माण को मंजूरी दी गई है। ये हवाई अड्डे मुंगेर, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, सहरसा, बीरपुर (सुपौल) और वाल्मीकिनगर (पश्चिम चंपारण) में बनाए जाएंगे। साथ ही गया के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को ‘ऑल वेदर’ बनाने के लिए कैट-1 लाइट सिस्टम स्थापित करने का फैसला लिया गया है, जिससे खराब मौसम में भी विमानों का सुरक्षित रूप से संचालन हो सकेगा।
इन छह हवाई अड्डों के लिए केंद्र की उड़ान योजना के तहत 150 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है, जिसमें प्रत्येक एयरपोर्ट के लिए 25 करोड़ रुपये आवंटित हैं। इस राशि से ऑब्स्टैकल लिमिटेशन सरफेस सर्वे किया जाएगा जो हवाई अड्डों के डिजाइन और सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। यह सर्वे विमान के टेकऑफ और लैंडिंग पथ में बाधाओं की पहचान करेगा ताकि सुरक्षित उड़ान सुनिश्चित हो सके। अपर मुख्य सचिव एस. सिद्धार्थ ने इस बारे में बताया कि यह कदम बिहार के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों को जोड़ने और आर्थिक विकास को गति देने में मील का पत्थर साबित होगा।
इन सभी में से गया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा अब हर मौसम में उड़ान के लिए तैयार होगा। इसके लिए कैट-1 लाइट सिस्टम स्थापित किया जाएगा जो कोहरे और धुंध में भी विमानों की सुरक्षित लैंडिंग और टेकऑफ को संभव बनाएगा। इसके लिए 18.24 एकड़ जमीन अधिग्रहण के लिए 137.17 करोड़ रुपये की मुआवजा राशि को मंजूरी दी गई है। यह कदम गया को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर और मजबूत करेगा, खासकर बौद्ध सर्किट के लिए आने वाले अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए तो ये सुविधा बेहद काम की होने वाली है।
बिहार में वर्तमान में पटना, गया और दरभंगा में कार्यरत हवाई अड्डे हैं, जबकि पूर्णिया हवाई अड्डा जल्द शुरू होने वाला है। बिहटा और रक्सौल हवाई अड्डों का निर्माण दिसंबर 2027 और जून 2028 तक पूरा होने की उम्मीद है। इन छह नए हवाई अड्डों के साथ बिहार में हवाई अड्डों की संख्या में दुगनी बढ़ोतरी हो जाएगी और हर 200 किलोमीटर के दायरे में एक हवाई अड्डा उपलब्ध होगा। इसके अलावा जहानाबाद, समस्तीपुर और नालंदा में हेलीपोर्ट निर्माण को भी मंजूरी दी गई है।
ये हवाई अड्डे न केवल यात्रियों को तेज और सुविधाजनक यात्रा विकल्प प्रदान करेंगे बल्कि पर्यटन, व्यापार और निवेश को भी बढ़ावा देंगे। मुजफ्फरपुर और भागलपुर जैसे औद्योगिक और सांस्कृतिक केंद्रों में हवाई अड्डे स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति देंगे, जबकि वाल्मीकिनगर और बीरपुर जैसे क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इधर सरकार ने विमानन टरबाइन ईंधन पर वैट को 29% से घटाकर 4% कर दिया है ताकि अधिक उड़ान ऑपरेटर आकर्षित हों। यह बिहार के विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
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