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14-Aug-2025 08:32 AM
By First Bihar
Bihar News: बिहार में कारागार सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। बक्सर जिले में विदेशी कैदियों के लिए एक विशेष जेल के निर्माण को मंजूरी दी गई है, जिसमें पुरुष और महिला विदेशी कैदियों को रखने की व्यवस्था होगी। इस परियोजना पर 5.58 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके साथ ही, बिहार के 22 जिलों में केंद्रीय कारा और उपकाराओं में नए भवनों, बैरकों, अधीक्षक आवास, कक्षपाल बैरकों, चाहरदीवारी, शौचालयों और स्नानागारों का निर्माण तेजी से चल रहा है। भवन निर्माण विभाग के सचिव कुमार रवि ने इन परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए समय पर काम पूरा करने के लिए अभियंताओं को सख्त निर्देश दिए हैं।
बक्सर के केंद्रीय कारा के बाहर बनने वाली विशेष जेल विदेशी कैदियों के लिए एक समर्पित सुविधा होगी। यह जेल अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होगी और विदेशी कैदियों की सुरक्षा और सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा। इसके अलावा, दरभंगा मंडल कारा, बेनीपुर उपकारा, बक्सर, मोतिहारी और कैमूर में 198-198 कैदियों की क्षमता वाली नई बैरकें बनाई जा रही हैं। बगहा में कक्षपाल बैरक का निर्माण भी प्रगति पर है। इन परियोजनाओं से जेलों में भीड़भाड़ कम होगी और कैदियों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
बिहार के 22 जिलों (आरा, औरंगाबाद, बेतिया, बांका, भभुआ, भागलपुर, बक्सर, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, पटना, गया, मधेपुरा, लखीसराय, किशनगंज, मधुबनी, मोतिहारी, नवादा, पूर्णिया, सहरसा, शिवहर, सीवान और सुपौल) में कारावास सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। भवन निर्माण विभाग के सचिव ने देरी पर नाराजगी जताते हुए चार संवेदकों को काली सूची में डालने की जानकारी दी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सभी परियोजनाएं प्राथमिकता के आधार पर समय सीमा के भीतर पूरी की जाएं।
यह पहल बिहार में कारागार सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। बक्सर की विशेष जेल न केवल विदेशी कैदियों के लिए एक सुरक्षित और मानक सुविधा प्रदान करेगी बल्कि बिहार के अन्य जिलों में बन रहे नए भवन जेलों में भीड़भाड़ और अव्यवस्था को कम करेंगे। इससे कैदियों के पुनर्वास और सुधारात्मक कार्यक्रमों को भी बढ़ावा मिलेगा। सरकार का यह प्रयास बिहार की जेल व्यवस्था को आधुनिक और मानवीय बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।