बीआरएबीयू में सर्टिफिकेट से हिंदी हटाने पर हंगामा, प्रमोशन पर भी शुरू हुई बहस UPSC Result: ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती के UPSC रिजल्ट पर विवाद, यूपी की आकांक्षा ने 301 रैंक पर दावा ठोका UPSC Result: ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती के UPSC रिजल्ट पर विवाद, यूपी की आकांक्षा ने 301 रैंक पर दावा ठोका पटना से बख्तियारपुर रवाना हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, गांव में लोगों और परिवार से करेंगे मुलाकात Bihar Workers : ETP टैंक में उतरते ही दम घुटने से बिहार के तीन मजदूरों की मौत, एक की हालत गंभीर बिहार के 71 हजार से अधिक स्कूलों में लागू होगी नई व्यवस्था, 1.33 करोड़ बच्चों का A से E तक ग्रेडिंग बिहार के 71 हजार से अधिक स्कूलों में लागू होगी नई व्यवस्था, 1.33 करोड़ बच्चों का A से E तक ग्रेडिंग बरेली की 'लेडी सिंघम' अंशिका वर्मा संग शादी रचाएंगे संभल के 'दबंग' SP केके बिश्नोई, राजस्थान में होंगे सात फेरे, जानिए इनकी कहानी Bihar Crime News : सिविल कोर्ट के वकील पर जानलेवा हमला, केस विवाद में अपराधियों ने चाकू से किया वार प्लीज पास कर देना, फेल हुई तो घर वाले…, मैट्रिक-इंटर की कॉपियों में छात्रों का उत्तर पढ़कर टीचर हैरान
20-Mar-2025 08:36 AM
By First Bihar
Bihar Jamin Survey: बिहार में अब जमीन से जुड़े कागजात ऑनलाइन मांगने पर 72 घंटे में मिल जाएंगे। खास बात यह है कि ये कागजात सत्यापित होंगे। अभी 25 तरह के राजस्व दस्तावेजों की डिजिटल हस्ताक्षर वाली कॉपी किसानों को दी जाएगी। इनमें जमाबंदी पंजी, बंदोबस्त पंजी, दाखिल-खारिज, खतियान, बीटी एक्ट की धारा 103, 106 और 108 के तहत दिए गए आदेश, सीएस/आरएस/चकबंदी और नगरपालिका का नक्शा जैसे दस्तावेज शामिल हैं।
बिहार में अब 72 घंटे के अंदर किसी भी गांव का नक्शा मिल जाएगा इसके लिए आवेदन करता को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसको लेकर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने नई डोर स्टेप डिलीवरी सेवा शुरू की है।
बताया जा रहा है कि इसके लिए https://dlrs.bihar.gov.in पर जाकर डोर स्टेप डिलीवरी ऑफ रेवेन्यू मैप को क्लिक करना होगा।
विभाग की ओर से या सेवा पूर्व में भी दी जा रही थी बाद में इसमें तकनीकी समस्या होने के कारण आवेदन करता को नक्शा मांगने में परेशानी हो रही थी। अब सभी समस्याओं को दूर कर लिया गया है इसमें ऑनलाइन भुगतान की भी व्यवस्था है।
आपको बताते चलें कि डेढ़ सौ रुपए प्रति सीट नक्शा के लिए भुगतान करना होता है उसके अतिरिक्त पोस्टर एवं पैकिंग चार्ज का भुगतान करना होता है उसमें अपने गांव, क्षेत्र, खाता एवं खसरा, अंचल का नाम, राजस्व एवं थाना नंबर अंकित करना होगा।
इधर विभाग का कहना है कि समय-समय पर मिला एवं सजनी कार्यक्रम में भी नगद भुगतान करने पर नक्शा उपलब्ध कराया जाता है ऐसे में वहां से भी लोग नक्शा खरीद सकते हैं।