1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 07, 2026, 2:22:37 PM
- फ़ोटो
उत्तर प्रदेश कैडर के दो चर्चित और जांबाज आईपीएस अधिकारी जल्द ही वैवाहिक बंधन में बंधने जा रहे हैं। बरेली की ‘लेडी सिंघम’ के नाम से मशहूर आईपीएस अंशिका वर्मा और संभल के दबंग एसपी कृष्ण कुमार (KK) बिश्नोई 29 मार्च को राजस्थान के जोधपुर में सात फेरे लेंगे। दोनों की शादी की तैयारियां अब जोर-शोर से शुरू हो चुकी हैं और पुलिस महकमे के साथ-साथ आम लोगों के बीच भी इस शादी को लेकर काफी चर्चा हो रही है।
अंशिका वर्मा और केके बिश्नोई दोनों ही 2018 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और अपनी सख्त कार्यशैली, तेज फैसलों और अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए जाने जाते हैं। अपने-अपने जिलों में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने में दोनों अधिकारियों की अहम भूमिका रही है। यही कारण है कि यह जोड़ी अक्सर अपने काम को लेकर सुर्खियों में रहती है। इस बार चर्चा उनके पेशेवर काम की नहीं बल्कि उनकी जिंदगी के एक नए और सुखद अध्याय की है।
राजस्थान के बाड़मेर से ताल्लुक रखते हैं केके बिश्नोई
आईपीएस कृष्ण कुमार बिश्नोई मूल रूप से राजस्थान के बाड़मेर जिले के रहने वाले हैं। वह वर्तमान में उत्तर प्रदेश के संभल जिले में पुलिस अधीक्षक (IPS) के पद पर तैनात हैं। 2018 बैच के इस अधिकारी ने अपनी तैनाती के दौरान कई बड़े मामलों में सख्त कार्रवाई करते हुए कानून व्यवस्था को मजबूत करने का काम किया है।
संभल में उनकी कार्यशैली की खूब सराहना हुई है। उन्होंने जिले में अपराध और अवैध गतिविधियों के खिलाफ कई बड़े अभियान चलाए। वर्ष 2024 में उन्हें गोरखपुर से संभल जिले में तैनात किया गया था। संभल पहुंचते ही उन्होंने अपनी तेज और सख्त कार्यप्रणाली से प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में काम शुरू कर दिया।
उनकी बहादुरी और प्रशासनिक क्षमता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उन्हें सम्मानित कर चुके हैं।
बरेली में ‘लेडी सिंघम’ के नाम से मशहूर हैं अंशिका वर्मा
आईपीएस अंशिका वर्मा फिलहाल बरेली जिले में एसपी साउथ के पद पर तैनात हैं। वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के प्रयागराज की रहने वाली हैं और उनकी शुरुआती पढ़ाई भी वहीं से हुई है। 2018 बैच की इस महिला आईपीएस अधिकारी ने अपने सख्त फैसलों और तेज कार्रवाई से अपराधियों के बीच डर का माहौल पैदा किया है।
बरेली में तैनाती के दौरान उन्होंने कई बड़े और जटिल मामलों को कम समय में सुलझाया है। एनडीपीएस, हत्या और संगठित अपराध से जुड़े मामलों में उनकी कार्रवाई की काफी सराहना हुई है। अपनी सख्त कार्यशैली के कारण ही उन्हें ‘लेडी सिंघम’ कहा जाता है।
संभल हिंसा पर दो घंटे में पाया था काबू
संभल में 24 नवंबर 2024 को जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान अचानक हिंसा भड़क गई थी। इस संवेदनशील स्थिति में एसपी केके बिश्नोई ने बेहद सूझबूझ और तेजी से कार्रवाई करते हुए महज दो घंटे के भीतर हालात पर काबू पा लिया था। उनकी इस कार्रवाई से संभावित बड़े नुकसान को टाल दिया गया।
घटना के बाद उन्होंने सख्त कदम उठाते हुए सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क समेत करीब ढाई हजार अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। इसके अलावा बिजली चोरी के खिलाफ अभियान चलाते हुए एक मस्जिद के भीतर चल रहे अवैध पावर हाउस का भी खुलासा किया था। उनके इस अभियान का जिक्र खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण में किया था।
अंशिका वर्मा ने बनाई यूपी की पहली ‘वीरांगना यूनिट’
आईपीएस अंशिका वर्मा ने वर्ष 2025 में उत्तर प्रदेश की पहली ‘वीरांगना यूनिट’ का गठन कर एक नई पहल की शुरुआत की थी। इस विशेष यूनिट में महिला कमांडो को ताइक्वांडो और दंगों से निपटने की विशेष ट्रेनिंग दी जाती है, ताकि महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सके।
इसके अलावा उन्होंने बरेली के एक मदरसे में चल रहे कथित लव जिहाद और धर्म परिवर्तन के बड़े रैकेट का भी पर्दाफाश किया था। अपराधियों के खिलाफ उनकी कड़ी कार्रवाई के कारण उन्हें कई बार सम्मानित भी किया जा चुका है।
माफियाओं और घोटालेबाजों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई
एसपी केके बिश्नोई ने संभल में 100 करोड़ रुपये से अधिक के बीमा घोटाले का खुलासा करते हुए 69 से ज्यादा आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसके अलावा उन्होंने संभल हिंसा के मास्टरमाइंड शारिक साठा गैंग के खिलाफ भी बड़ी कार्रवाई करते हुए उसके कई सदस्यों को गिरफ्तार किया।
अब यह दोनों जांबाज अधिकारी अपने सफल करियर के साथ-साथ जीवन की एक नई पारी की शुरुआत करने जा रहे हैं। 29 मार्च को राजस्थान के जोधपुर में होने वाली उनकी शादी को लेकर पुलिस विभाग और उनके परिचितों के बीच खासा उत्साह देखा जा रहा है।