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भारत के पास बचा है और कितना पेट्रोल-डीजल? किल्लत की अफवाहों पर केंद्र सरकार का जवाब

India Fuel Stock: पश्चिम एशिया में संघर्ष के बीच भारत में पेट्रोल-डीजल की अफवाहों को केंद्र ने खारिज किया। भारत के पास 25 करोड़ बैरल तेल और रिफाइंड उत्पादों का पर्याप्त भंडार है, जो 50-60 दिनों तक देश की जरूरतों को पूरा कर सकता है।

India Fuel Stock
प्रतिकात्मक तस्वीर
© Google
Mukesh Srivastava
2 मिनट

India Fuel Stock: ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बीच भारत में पेट्रोल और डीजल के उपभोक्ताओं में चिंता बढ़ गई है। कई शहरों में पेट्रोल पंप पर लंबी कतारें लग गई हैं और वाहन मालिक ईंधन का स्टॉक करने में जुट गए हैं। इस पर केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि भारत में तेल की पर्याप्त मात्रा मौजूद है और किसी भी तरह की कमी की स्थिति नहीं है।


सरकार के अनुसार भारत के पास वर्तमान में 25 करोड़ बैरल (लगभग 4,000 करोड़ लीटर) कच्चे तेल और रिफाइंड उत्पादों का संयुक्त भंडार है। यह भंडार पूरे देश की जरूरतों को लगभग 7-8 सप्ताह तक पूरा करने के लिए पर्याप्त है।


भारत ने अपना तेल भंडार देशभर में रणनीतिक रूप से फैलाया है। मैंगलोर, पादुर और विशाखापत्तनम में विशेष भूमिगत भंडारण सुविधाएं हैं। रिफाइनरियों और डिपो में विशाल टैंक मौजूद हैं और हजारों किलोमीटर लंबी पाइपलाइनों में तेल लगातार उपलब्ध है। इसके अलावा समुद्र में भारतीय बंदरगाहों की ओर कई विशाल तेल टैंकर भी आ रहे हैं।


केंद्र ने कहा कि भारत केवल कच्चे तेल पर निर्भर नहीं है। पेट्रोल, डीजल, एविएशन टर्बाइन फ्यूल, एलपीजी और एलएनजी का भी पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि हाल ही में सोशल मीडिया पर फैलाए गए दो दावे पूरी तरह गलत हैं। वास्तविकता यह है कि भारत रूस, इराक और यूएई सहित कई वैश्विक आपूर्तिकर्ताओं से तेल प्राप्त कर रहा है। 


सप्लाई चेन के सभी हिस्सों को मिलाकर देश के पास 50-60 दिनों का बैकअप मौजूद है, जो अल्पकालिक व्यवधानों से निपटने के लिए पर्याप्त है। केंद्र ने नागरिकों से अपील की है कि वे घबराहट में आकर ईंधन का अति-भंडारण न करें। वर्तमान में भारत की ऊर्जा कूटनीति और रणनीतिक भंडारण नीति देश को एक सुरक्षित कवच प्रदान कर रही है और आपूर्ति श्रृंखला सामान्य रूप से काम कर रही है।

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