Bihar Politics: बिहार में लंबे समय से लंबित कैबिनेट विस्तार को लेकर हलचल तेज हो गई है। शनिवार को पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी दिल्ली रवाना हो गए। रविवार को उनकी गृहमंत्री अमित शाह और रक्षामंत्री से अहम बैठक प्रस्तावित है।
मुख्यमंत्री बनने के बाद अमित शाह से यह उनकी पहली औपचारिक मुलाकात होगी। सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में बिहार मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है। माना जा रहा है कि लंबे समय से अटकी प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है और मंत्रियों के नामों पर जल्द ही मुहर लग सकती है।
बैठक में सरकार के आगे के एजेंडे, संगठनात्मक संतुलन और राज्य-केंद्र समन्वय पर भी चर्चा होने की संभावना है। साथ ही बिहार के विकास से जुड़े मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। इस मुलाकात को राजनीतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि पश्चिम बंगाल चुनाव के नतीजों के बाद कभी भी नई कैबिनेट का ऐलान हो सकता है। इसे लेकर पार्टी और सरकार दोनों स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं और सभी की नजरें इस फैसले पर टिकी हैं।
दिल्ली रवाना होने से पहले सम्राट चौधरी ने शनिवार को नीतीश कुमार से करीब आधे घंटे तक बातचीत की। माना जा रहा है कि इस दौरान भी मंत्रिमंडल विस्तार और संभावित नामों को लेकर चर्चा हुई, जिससे यह संकेत मिलता है कि फैसले में सभी प्रमुख नेताओं की अहम भूमिका है।
एनडीए के संभावित मंत्रियों के नामों को लेकर मंथन जारी है। नए मंत्रिमंडल में जातीय संतुलन, अनुभव और नए चेहरों को ध्यान में रखा जा रहा है। इस बार युवा और अनुभवी नेताओं का संतुलित मिश्रण देखने को मिल सकता है, साथ ही महिलाओं की भागीदारी भी बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। बैठक के बाद जल्द ही नई कैबिनेट की तस्वीर साफ हो सकती है।

