1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 07, 2026, 2:15:24 PM
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Bihar Crime News : गोपालगंज में अपराधियों के हौसले एक बार फिर बुलंद नजर आए हैं। जिले के हथुआ थाना क्षेत्र में सिविल कोर्ट के एक अधिवक्ता पर घात लगाकर जानलेवा हमला कर दिया गया। इस हमले में अधिवक्ता गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए पहले सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि हालत नाजुक देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।
घटना हथुआ थाना क्षेत्र के नयागांव तुलसिया में शिवजी उपाध्याय के घर के पास की बताई जा रही है। घायल अधिवक्ता की पहचान सिविल कोर्ट के वकील मधुसूदन मिश्रा उर्फ कंचन मिश्रा के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वे कचहरी से लौटने के बाद अपनी बेटी के घर दूध पहुंचाने जा रहे थे। इसी दौरान पहले से घात लगाए बैठे दो अपराधियों ने उन पर अचानक हमला कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जैसे ही अधिवक्ता उस रास्ते से गुजर रहे थे, तभी अपराधियों ने उन्हें रोक लिया और चाकू से ताबड़तोड़ वार करना शुरू कर दिया। हमले में अधिवक्ता बुरी तरह घायल हो गए और सड़क पर ही गिर पड़े। अचानक हुई इस घटना से आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। हमलावर वारदात को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गए।
स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए गंभीर रूप से घायल अधिवक्ता को तुरंत इलाज के लिए गोपालगंज सदर अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने उनका प्राथमिक उपचार किया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। फिलहाल उनका इलाज चल रहा है और उनकी स्थिति को लेकर परिजन काफी चिंतित हैं।
घटना की सूचना मिलते ही हथुआ थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के लोगों से पूछताछ की। पुलिस हमलावरों की पहचान करने की कोशिश कर रही है और संभावित ठिकानों पर छापेमारी भी की जा रही है।
इस मामले में हथुआ एसडीपीओ आनंद मोहन गुप्ता ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह मामला केस लड़ने को लेकर हुए विवाद से जुड़ा हुआ प्रतीत हो रहा है। उन्होंने बताया कि अधिवक्ता मधुसूदन मिश्रा अपनी बेटी के घर दूध पहुंचाने जा रहे थे, तभी रास्ते में दो अज्ञात अपराधियों ने उन पर चाकू से हमला कर दिया।
एसडीपीओ ने यह भी स्पष्ट किया कि घटना को लेकर कुछ लोगों द्वारा पिस्तौल के बट से मारपीट या छिनतई की बातें कही जा रही हैं, लेकिन जांच में ऐसी कोई बात सामने नहीं आई है। उन्होंने कहा कि फिलहाल यह साफ है कि अधिवक्ता पर चाकू से हमला किया गया है।
वहीं घायल अधिवक्ता मधुसूदन मिश्रा ने भी पुलिस को दिए बयान में बताया कि वे एक केस की पैरवी कर रहे थे और उसी विवाद को लेकर अपराधियों ने उन पर हमला किया है। हालांकि उन्होंने हमलावरों की पहचान के बारे में फिलहाल स्पष्ट जानकारी नहीं दी है।
पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की भी जांच की जा रही है ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
इस घटना के बाद अधिवक्ताओं में भी आक्रोश का माहौल है। अधिवक्ताओं का कहना है कि कानून के रखवालों पर इस तरह का हमला बेहद गंभीर मामला है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। फिलहाल पुलिस मामले की तह तक पहुंचने के लिए हर पहलू से जांच कर रही है और जल्द ही पूरे मामले का खुलासा होने की उम्मीद जताई जा रही है।