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03-Aug-2025 07:45 AM
By First Bihar
Bihar Flood: बिहार में भारी बारिश और नेपाल समेत उत्तर भारत के राज्यों में हो रही मूसलधार बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। उत्तर बिहार की अधिकांश नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। खासकर गंगा, कोसी, पुनपुन, गंडक, बूढ़ी गंडक, कमला बलान, महानंदा और घाघरा नदियों में उफान जारी है।
शनिवार को गंगा नदी का जलस्तर पटना, भागलपुर और कहलगांव में खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया। गांधी घाट (पटना) पर गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 20 सेमी ऊपर दर्ज किया गया, जबकि हाथीदह में 1 सेमी, भागलपुर में 10 सेमी और कहलगांव में 13 सेमी ऊपर चला गया। बक्सर में अगले 24 घंटे में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर जाने की आशंका है। अभी यह खतरे के निशान से महज एक फीट नीचे है।
कोसी नदी खगड़िया में खतरे के निशान से ऊपर, जल्द ही डुमरी, बलतारा और कुरसेला में भी पार कर सकती है। पुनपुन नदी पटना में खतरे के निशान के पार पहुंच चुकी है। इसके साथ ही गंडक, बूढ़ी गंडक, कमला बलान, भूतही बलान, सोन, महानंदा, घाघरा: इन सभी नदियों में जलस्तर में 10 से 48 सेमी तक की वृद्धि का अनुमान है।
बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने अलर्ट जारी किया है। अभियंताओं को सभी तटबंधों की 24x7 निगरानी करने का निर्देश दिया गया है। NDRF और SDRF की टीमें कई संवेदनशील जिलों में तैनात की जा रही हैं। प्रशासन द्वारा कई तटीय गांवों में स्थानीय लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।
शनिवार को जमुई जिले के झाझा प्रखंड स्थित बरमसिया पुल का एक हिस्सा अचानक धंस गया, जिससे झाझा नगर और सोनो प्रखंड के दर्जनों गांवों का संपर्क टूट गया। यह पुल उलाय नदी पर बना हुआ था। अब हजारों ग्रामीणों का झाझा मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह बाधित हो गया है।
इसी प्रखंड के बाराकोला पंचायत अंतर्गत पचकठिया गांव में शनिवार तड़के लगभग तीन बजे भारी बारिश के कारण एक कच्चा घर ढह गया। 49 वर्षीय मोहन खैरा मलबे में दब गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। प्रशासन द्वारा शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और परिवार को सहायता देने की प्रक्रिया जारी है।
राजद विधायक और लालू यादव के पुत्र तेजप्रताप यादव ने जवईनिया प्रखंड का दौरा किया, जहाँ वे कटाव से विस्थापित परिवारों से मिले। उन्होंने स्थानीय विधायक पर विकास कार्यों में उदासीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि, "अगर विकास पर ध्यान दिया गया होता, तो गांव आज इस हालत में नहीं होता।"
हवेली खड़गपुर-तारापुर मार्ग पर डंगरी नदी में बनाया गया अस्थायी डायवर्जन शनिवार को फिर बह गया। नतीजतन, हवेली खड़गपुर, तारापुर, तुलसीपुर और टेटियाबंबर प्रखंडों का संपर्क बाधित हो गया। बीते महीने भी यह डायवर्जन दो बार बह चुका है, जिससे हजारों यात्रियों को परेशानी हुई थी।
बिहार में बाढ़ की स्थिति हर दिन और गंभीर होती जा रही है। प्रमुख नदियों का जलस्तर चेतावनी स्तर पार कर चुका है। राज्य सरकार और केंद्र से मांग की जा रही है कि राहत और पुनर्वास कार्यों को युद्धस्तर पर तेज किया जाए, ताकि जान-माल की हानि को कम किया जा सके।