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17-Jul-2025 02:42 PM
By First Bihar
NALANDA: बिहार और झारखंड में इस समय मानसून पूरी तरह सक्रिय है और दोनों राज्यों में मूसलधार बारिश का सिलसिला लगातार जारी है। झारखंड में भारी बारिश के बाद वहां से लगभग 1.15 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जिससे कई नदियां उफान पर आ गई हैं और बिहार के विभिन्न जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है।
नालंदा में बाढ़ की स्थिति गंभीर
नालंदा जिले की कई नदियों, विशेष रूप से लोकायन, जीराईन और पंचाने नदी के जलस्तर में तेजी से वृद्धि देखी गई है। इससे जिले के कई इलाकों में तटबंध टूटने की घटनाएं सामने आई हैं। बिहारशरीफ शहरी क्षेत्र में स्थिति और भी चिंताजनक है, जहां कई स्थानों पर सड़कों के ऊपर से पानी बहने लगा है, जिससे यातायात पूरी तरह प्रभावित हुआ है। प्रशासन लगातार लाउडस्पीकर और माइकिंग के जरिए निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को संभावित बाढ़ खतरे के प्रति सतर्क कर रहा है।
आशानगर समेत कई इलाकों में सड़क संपर्क टूटा
पंचाने नदी में अचानक आई बाढ़ के कारण आशानगर, हबीबपुरा, सलेमपुर, सोहसराय अड्डा और बसारबीघा के बीच का मुख्य मार्ग जलमग्न हो गया है। प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से इन सभी रास्तों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। इसी तरह, लोकायन नदी के जलस्तर में वृद्धि के कारण चिकसौरा, हिल्सा और एकंगरसराय जैसे इलाकों में तटबंध टूटने की खबरें मिल रही हैं, जिससे आसपास के गांवों में पानी घुसने लगा है।
प्रशासन की सक्रियता और जनता की नाराजगी
नालंदा के जिलाधिकारी कुंदन कुमार खुद आपदा प्रबंधन टीम के साथ लगातार प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी कर रहे हैं और राहत एवं बचाव कार्यों को तेज किया जा रहा है। हालांकि, रविदास टोला जैसे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों ने प्रशासनिक लापरवाही पर नाराजगी जताई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि देर रात से उनके घरों में पानी घुस गया, लेकिन अब तक कोई भी अधिकारी या राहतकर्मी उनकी सुध लेने नहीं पहुंचा है। स्थानीय निवासी कहते हैं, "हम रातभर भगवान भरोसे रहे। चारों ओर गंदा पानी भर गया है और महादलित टोले में अब बीमारी फैलने का भी खतरा मंडरा रहा है।"