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19-Nov-2025 12:41 PM
By First Bihar
Bihar News: बिहार में ठंड का प्रकोप अब धीरे धीरे बढ़ रहा है और उसके साथ साथ प्रदूषण भी कंधे से कंधा मिलाकर चलता नजर आ रहा। वैसे तो यह समस्या बिहार के कई जिलों में हैं मगर मुजफ्फरपुर में स्थिति ज्यादा चिंताजनक है। बढ़ते ठंड के साथ शहर की हवा ने जहरीला रूप ले लिया है और यहाँ का AQI भी 170 के करीब पहुंच गया है जो कि 'खराब' की श्रेणी में आता है।
मुजफ्फरपुर के अतरदाहा, MIT, समाहरणालय और दाउदपुर कोठी जैसे कई इलाकों में प्रदूषक तत्वों की मात्रा तेजी से बढ़ी है। आर्सेनिक, लेड और निकेल जैसे खतरनाक पदार्थ हवा में घुल गए हैं। जिसके बाद चिकित्सकों ने लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है। साथ ही जिला प्रशासन और नगर निगम भी अलर्ट मोड पर आ गया हैं।
राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सेंसरों से मिले आंकड़ों के अनुसार अतरदाहा में AQI 167, MIT में 168, समाहरणालय में 167 और दाउदपुर कोठी में 166 रहा। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इन्हें ख़राब की श्रेणी में रखा है। ठंडी हवाओं से प्रदूषक कण जमीन के पास फंस रहे हैं जो चिंताजनक है। पिछले दो दिनों में इसके स्तर में तेज उछाल आया है।
नगर आयुक्त विक्रम विरकर ने इस बारे में बात करते हुए कहा है कि प्रदूषण पर काबू पाने के लिए टीमें सक्रिय हैं। उच्च AQI वाले इलाकों में पानी का स्प्रिंकलर छिड़काव शुरू हो गया। धूल-मिट्टी, निर्माण सामग्री और कचरा हटाने की कार्रवाई तेज है। निर्माण कार्यों पर अस्थायी रोक लगाई गई है। उन्होंने बताया कि दो सालों में सफाई अभियान से सुधार हुआ था, लेकिन मौसमी बदलाव से अब चुनौती और बढ़ गई है।
इधर डॉक्टरों का कहना है कि खराब हवा से सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन और गले में खराश आम हो गई है। इसमें बच्चे, बुजुर्ग और अस्थमा रोगी सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। ऐसे में मास्क पहनें, घर में एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें और बाहर जितना हो सके कम निकलें।