MADHUBANI NEWS: मधुबनी जिले के नगर थाना में सीपीआई नेताओं और उनके समर्थकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोप है कि उन्होंने बिना अनुमति के धरना प्रदर्शन किया, जिसमें सरकार गिराने, दंगे भड़काने, सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने और शांति भंग करने की कोशिश की। इसके साथ ही लाउडस्पीकर का बिना अनुमति उपयोग किया गया, जिससे एंबुलेंस, स्कूल बस और आम नागरिकों के वाहनों की आवाजाही में रुकावट आई और उनकी जीवन रक्षा में बाधा उत्पन्न हुई। फिलहाल पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है।


मधुबनी नगर थाना अध्यक्ष सत्येंद्र राय ने सीपीआई के जिला मंत्री मिथिलेश झा, बिस्फी प्रखंड के नेता मनोज कुमार यादव और 150 अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की। जानकारी के अनुसार, ये लोग सीपीआई के बैनर तले समाहरणालय के सामने घंटों तक प्रदर्शन कर रहे थे, जिससे सड़क पर जाम लग गया और राहगीरों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। एंबुलेंस, स्कूल बस, और अन्य वाहनों को इस मार्ग से गुजरने में काफी परेशानी हुई, जिसके कारण उनकी जीवन रक्षा में भी समस्या आई।


वीडियो फुटेज के आधार पर जिला प्रशासन ने प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया। इस दौरान मिथिला महोत्सव को लेकर सुरक्षा इंतजाम किए गए थे और दंडाधिकारी की प्रतिनियुक्ति भी की गई थी। प्रशासन ने इन नेताओं को प्रदर्शन के लिए कोई अनुमति नहीं दी थी, बावजूद इसके उन्होंने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने भड़काऊ भाषण दिए, जिसमें दंगे भड़काने और सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने जैसी बातें की गईं। जिला प्रशासन के निर्देश पर दंडाधिकारी रणवीर कुमार सिंह के आवेदन पर नगर थाने में दो नामजद और 150 अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है और पुलिस जांच शुरू कर दी गई है।