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08-Aug-2025 03:29 PM
By Dheeraj Kumar
Bihar News: बिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली कोई नई नहीं है। अक्सर सरकारी अस्पतालों की खबरें अखबारों की सुर्खियां बनती हैं। बिहार के स्वास्थ्य विभाग ने राज्य के लोगों को वर्ल्ड क्लास हेल्थ सिस्टम उपलब्ध कराने का दावा किया था लेकिन चुनाव आ गए और हालात जस के तस बने रहे। स्वास्थ्य विभाग की पोल खोलने वाली तस्वीर जमुई से सामने आई है।
दरअसल, जमुई में स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खुल गई है। सदर शहर के महिसौड़ी मोहल्ले निवासी मो. अख्तर की 65 वर्षीय पत्नी का इलाज पश्चिम बंगाल के कोलकाता में चल रहा था। बुधवार की रात वह इलाज कराकर अपने घर जमुई लौटी थीं। गुरुवार को अचानक उन्हें सांस लेने में दिक्कत होने लगी।
परिजनों ने एंबुलेंस के लिए फोन लगाया। लेकिन लाइन बिजी रहने के कारण एंबुलेंस नहीं मिल पाई। मजबूरी में परिजन पड़ोस में मौजूद एक तीन पहिया ठेले पर महिला मरीज को लेकर अस्पताल पहुंचे। अस्पताल के इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक ने जांच के बाद महिला को मृत घोषित कर दिया।
इसके बाद भी परिजनों को शव वाहन नहीं मिल पाया। उन्हें कई तरह की औपचारिकताएं पूरी करने को कहा गया। किसी ने जीविका काउंटर पर जाने को कहा तो किसी ने 102 डायल करने की सलाह दी। परेशान परिजन अंत में शव को उसी ठेले पर रखकर घर ले जाने को मजबूर हुए।