ब्रेकिंग न्यूज़

Bihar Crime News: युवक की संदिग्ध हालत में मौत, परिजनों ने हत्या की जताई आशंका Bihar Crime News: युवक की संदिग्ध हालत में मौत, परिजनों ने हत्या की जताई आशंका Bihar News: दो सगे भाइयों की तालाब में डूबकर मौत, स्नान करने के दौरान हुआ हादसा बिजली वितरण में बिहार का जलवा: नॉर्थ और साउथ पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी को ए ग्रेड, कई बड़े राज्यों को छोड़ा पीछे बिजली वितरण में बिहार का जलवा: नॉर्थ और साउथ पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी को ए ग्रेड, कई बड़े राज्यों को छोड़ा पीछे 100 दिन से पहले ही तेजस्वी ने मीडिया के सामने खोला मुंह, मोदी-नीतीश पर साधा निशाना बिहार में सुनहरी ठगी: दो शातिर ठगों ने महिला के गहने उड़ा लिए, सीसीटीवी में कैद हुई वारदात बिहार में सुनहरी ठगी: दो शातिर ठगों ने महिला के गहने उड़ा लिए, सीसीटीवी में कैद हुई वारदात Patna Traffic System on Republic Day: गणतंत्र दिवस पर बदली रहेगी पटना की यातायात व्यवस्था, ट्रैफिक एसपी ने जारी की एडवाइजरी Patna Traffic System on Republic Day: गणतंत्र दिवस पर बदली रहेगी पटना की यातायात व्यवस्था, ट्रैफिक एसपी ने जारी की एडवाइजरी

घुटने टेककर मायावती से मिले बिहार के इकलौते BSP विधायक सतीश सिंह, मुस्कुराती रहीं बसपा सुप्रीमो

बिहार के एकमात्र BSP विधायक सतीश सिंह ने दिल्ली में बसपा सुप्रीमो मायावती से मुलाकात की। घुटने टेककर मिले विधायक की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई, जिसे लेकर चर्चाएं तेज हैं।

बिहार

20-Nov-2025 08:24 PM

By First Bihar

DESK: 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी यानि बसपा सिर्फ एक सीट पर जीत हासिल की है। रामगढ़ सीट से बसपा प्रत्याशी सतीश कुमार सिंह उर्फ पिंटू यादव 30 वोट के मामूली अंतर से जीत दर्ज की। वो बसपा के इकलौते विधायक बन गये हैं। विधायक बनने के बाद सतीश कुमार सिंह बसपा सुप्रीमो मायावती से मिलने गये थे। इस मुलाकात की तस्वीरें सामने आने के बाद वो चर्चा में आ गये हैं। 


बता दें कि बसपा ने बिहार में 181 सीटों पर चुनाव लड़ा था। बक्सर जिले की रामगढ़ विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में मुकाबला काफी दिलचस्प रहा। यहां पर राजद के दिग्गज नेता जगदानंद सिंह के छोटे बेटे और बक्सर के सांसद सुधाकर सिंह के छोटे भाई अजीत कुमार चुनावी मैदान में थे। उनको हार का सामना करना पड़ गया। रामगढ़ विधानसभा में मतगणना के दौरान बसपा और बीजेपी में कांटे की टक्कर देखने को मिली थी।


बसपा के सतीश सिंह यादव को मात्र 30 वोटों से जीत हासिल की। इस सीट पर बसपा उम्मीदवार को भाजपा और राजद उम्मीदवारों के त्रिकोणीय मुकाबले का सामना करना पड़ा। दूसरे नंबर पर रहे बीजेपी के मौजूदा विधायक अशोक सिंह को 72,659 वोट मिले। जबकि तीसरे नंबर पर राजद के अजीत कुमार रहे। बसपा की इसी सीट पर जीत हुई है। इस बार के विधानसभा चुनाव में एक विधायक ही बहुजन समाज पार्टी का बन पाया। 


इस वायरल फोटो में रामगढ़ से बीएसपी के विधायक सतीश सिंह घुटनों के बल मायावती के सामने बैठे हैं। उनकी नजरें झुकी हुई हैं और उन्होंने दोनों हाथ जोड़ रखा है। पैरों में सिर्फ मोजे नजर आ रहे हैं। मतलब मायावती के पास पहुंचने से पहले विधायक सतीश सिंह ने अपने जूते बाहर उतार दिए थे। मायावती भी हाथ जोड़े मुस्कुराती नजर आ रही है। बसपा सुप्रीमो मायावती और विधायक सतीश सिंह की मुलाकात बुधवार को दिल्ली में हुई थी। इस मुलाकात की फोटो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गयी, जिसकी चर्चा अब हो रही है।


मायावती ने एक्स पर लिखा कि बी.एस.पी. की बिहार प्रदेश यूनिट सहित देश के कई राज्यों की कल नई दिल्ली स्थित पार्टी केन्द्रीय कार्यालय में हुई समीक्षा बैठक में बिहार स्टेट बी.एस.पी. के वरिष्ठ पदाधिकारियांे तथा वहाँ से पार्टी के नवनिर्वाचित विधायक श्री सतीश यादव भी मौजूद रहे। समीक्षा में, अन्य बातों के अलावा, यह बात भी सामने आई कि मतगणना वाले दिन दिनांक 14 नवम्बर को विरोधी दलों के असामाजिक तत्वों द्वारा कराये गये उपद्रव में बी.एस.पी. के विधायक की गाड़ी तथा प्रशासन की भी गाड़ियाँ क्षतिग्रस्त की गई, जिसे काबू में करने हेतु पुलिस द्वारा रात में लाठीचार्ज किया गया जिसमें बी.एस.पी. के कई कार्यकर्ता भी गम्भीर रूप से घायल हुये। इसको लेकर ज़िले की पुलिस द्वारा शासन के दबाव में बी.एस.पी. के लगभग 250 कार्यकर्ताओं पर एवं अन्य 1000 अज्ञात लोगों पर कई एफ.आई.आर. दर्ज करके उसकी आड़ में पुलिस सिर्फ बी.एस.पी. कार्यकर्ताओं को ही परेशान कर रही है, जबकि पहले इस घटना की निष्पक्ष जाँच होनी चाहिये और उसके बाद ही कोई कार्रवाई होनी चाहिये। अतः बी.एस.पी. की माँग है कि इस मामले की सही व निष्पक्ष जाँच हो तथा जब तक यह जाँच पूरी ना हो जाये, तब तक इस पर कोई पुलिस कार्रवाई व गिरफ्तारी आदि ना की जाए तो यही उचित होगा।

DESK: 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी यानि बसपा सिर्फ एक सीट पर जीत हासिल की है। रामगढ़ सीट से बसपा प्रत्याशी सतीश कुमार सिंह उर्फ पिंटू यादव 30 वोट के मामूली अंतर से जीत दर्ज की। वो बसपा के इकलौते विधायक बन गये हैं। विधायक बनने के बाद सतीश कुमार सिंह बसपा सुप्रीमो मायावती से मिलने गये थे। इस मुलाकात की तस्वीरें सामने आने के बाद वो चर्चा में आ गये हैं। 


बता दें कि बसपा ने बिहार में 181 सीटों पर चुनाव लड़ा था। बक्सर जिले की रामगढ़ विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में मुकाबला काफी दिलचस्प रहा। यहां पर राजद के दिग्गज नेता जगदानंद सिंह के छोटे बेटे और बक्सर के सांसद सुधाकर सिंह के छोटे भाई अजीत कुमार चुनावी मैदान में थे। उनको हार का सामना करना पड़ गया। रामगढ़ विधानसभा में मतगणना के दौरान बसपा और बीजेपी में कांटे की टक्कर देखने को मिली थी।


बसपा के सतीश सिंह यादव को मात्र 30 वोटों से जीत हासिल की। इस सीट पर बसपा उम्मीदवार को भाजपा और राजद उम्मीदवारों के त्रिकोणीय मुकाबले का सामना करना पड़ा। दूसरे नंबर पर रहे बीजेपी के मौजूदा विधायक अशोक सिंह को 72,659 वोट मिले। जबकि तीसरे नंबर पर राजद के अजीत कुमार रहे। बसपा की इसी सीट पर जीत हुई है। इस बार के विधानसभा चुनाव में एक विधायक ही बहुजन समाज पार्टी का बन पाया। 


इस वायरल फोटो में रामगढ़ से बीएसपी के विधायक सतीश सिंह घुटनों के बल मायावती के सामने बैठे हैं। उनकी नजरें झुकी हुई हैं और उन्होंने दोनों हाथ जोड़ रखा है। पैरों में सिर्फ मोजे नजर आ रहे हैं। मतलब मायावती के पास पहुंचने से पहले विधायक सतीश सिंह ने अपने जूते बाहर उतार दिए थे। मायावती भी हाथ जोड़े मुस्कुराती नजर आ रही है। बसपा सुप्रीमो मायावती और विधायक सतीश सिंह की मुलाकात बुधवार को दिल्ली में हुई थी। इस मुलाकात की फोटो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गयी, जिसकी चर्चा अब हो रही है।


मायावती ने एक्स पर लिखा कि बी.एस.पी. की बिहार प्रदेश यूनिट सहित देश के कई राज्यों की कल नई दिल्ली स्थित पार्टी केन्द्रीय कार्यालय में हुई समीक्षा बैठक में बिहार स्टेट बी.एस.पी. के वरिष्ठ पदाधिकारियांे तथा वहाँ से पार्टी के नवनिर्वाचित विधायक श्री सतीश यादव भी मौजूद रहे। समीक्षा में, अन्य बातों के अलावा, यह बात भी सामने आई कि मतगणना वाले दिन दिनांक 14 नवम्बर को विरोधी दलों के असामाजिक तत्वों द्वारा कराये गये उपद्रव में बी.एस.पी. के विधायक की गाड़ी तथा प्रशासन की भी गाड़ियाँ क्षतिग्रस्त की गई, जिसे काबू में करने हेतु पुलिस द्वारा रात में लाठीचार्ज किया गया जिसमें बी.एस.पी. के कई कार्यकर्ता भी गम्भीर रूप से घायल हुये। इसको लेकर ज़िले की पुलिस द्वारा शासन के दबाव में बी.एस.पी. के लगभग 250 कार्यकर्ताओं पर एवं अन्य 1000 अज्ञात लोगों पर कई एफ.आई.आर. दर्ज करके उसकी आड़ में पुलिस सिर्फ बी.एस.पी. कार्यकर्ताओं को ही परेशान कर रही है, जबकि पहले इस घटना की निष्पक्ष जाँच होनी चाहिये और उसके बाद ही कोई कार्रवाई होनी चाहिये। अतः बी.एस.पी. की माँग है कि इस मामले की सही व निष्पक्ष जाँच हो तथा जब तक यह जाँच पूरी ना हो जाये, तब तक इस पर कोई पुलिस कार्रवाई व गिरफ्तारी आदि ना की जाए तो यही उचित होगा।