Bihar Road Accident: दर्दनाक सड़क दुर्घटना में जीजा-साले की मौत, साली के घर से लौटने के दौरान हुआ हादसा Aadhaar App से घर बैठे बदलें नाम, मोबाइल नंबर और पता, स्टेप-बाय-स्टेप जानें पूरी प्रक्रिया Aadhaar App से घर बैठे बदलें नाम, मोबाइल नंबर और पता, स्टेप-बाय-स्टेप जानें पूरी प्रक्रिया NSMCH में सरस्वती पूजा और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर भव्य समारोह का आयोजन, प्रबंध निदेशक ने किया उद्घाटन NSMCH में सरस्वती पूजा और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर भव्य समारोह का आयोजन, प्रबंध निदेशक ने किया उद्घाटन बिहार में सनसनीखेज वारदात: मेडिकल प्रैक्टिशनर की हत्या कर बॉडी को जलाया, खेत में शव मिलने से हड़कंप बिहार में सनसनीखेज वारदात: मेडिकल प्रैक्टिशनर की हत्या कर बॉडी को जलाया, खेत में शव मिलने से हड़कंप Smriddhi Yatra: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुजफ्फरपुर को दी 853 करोड़ की योजनाओं की सौगात, सड़क और फोरलेन परियोजनाओं की समीक्षा की Smriddhi Yatra: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुजफ्फरपुर को दी 853 करोड़ की योजनाओं की सौगात, सड़क और फोरलेन परियोजनाओं की समीक्षा की Bihar News: बिहार में NH के रख-रखाव के लिए नई व्यवस्था लागू, 50 किमी कॉरिडोर पर प्राथमिकता से होगा काम
30-Nov-2025 01:04 PM
By First Bihar
Bihar train news : बिहार के भागलपुर-जमालपुर रेलखंड पर रविवार की सुबह एक बड़ा रेल हादसा टल गया। नाथनगर और मुरारपुर स्टेशन के बीच पुरानीसराय रेलवे ट्रैक के पास ओवरहेड कैटेनरी तार अचानक टूटकर ट्रैक पर गिर गया, जिससे रेल परिचालन लगभग दो घंटे तक पूरी तरह ठप हो गया। इस अचानक हुई घटना से यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा और आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
घटना की सूचना सुबह करीब साढ़े पांच बजे मिली। स्थानीय लोगों ने बताया कि अचानक तेज आवाज के साथ हाईटेंशन तार टूटकर रेलवे ट्रैक पर गिर गया। इसके कारण आसपास के गांवों में भी लोगों में डर और चिंता का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने तुरंत 112 डायल कर पुलिस को घटना की जानकारी दी। पुलिस ने रेलवे अधिकारियों को सूचित किया, जिसके बाद भागलपुर और आसपास के स्टेशनों पर कई ट्रेनों को रोक दिया गया।
बताया गया कि दानापुर इंटरसिटी एक्सप्रेस को सुबह पांच बजकर 43 मिनट पर नाथनगर स्टेशन पर रोकना पड़ा। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों को स्थिति की जानकारी देने के लिए त्वरित कदम उठाते हुए स्टेशन पर माइकिंग के माध्यम से सूचना दी और समझाया कि बिजली सप्लाई बाधित होने के कारण ट्रेनें रुकी हुई हैं।
एस.एस.सी केआरडी के इंजीनियर हैप्पी शंकर ने बताया कि टूटे तार का वोल्टेज लगभग 25 हजार वोल्ट था। उन्होंने कहा कि यह कैटेनरी तार टूटने से समस्या हुई थी और तकनीकी टीम तुरंत मौके पर पहुंची। इंजीनियर ने यह भी बताया कि तार टूटने के कारणों की जांच की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
स्थानीय लोगों ने बताया कि ट्रेनें रुक जाने से यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ा। स्टेशन पर खड़े यात्री परेशान नजर आए, लेकिन रेलवे प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और तकनीकी टीम की मेहनत के कारण बड़ा हादसा टल गया। तकनीकी टीम ने लगभग दो घंटे तक मरम्मत कार्य किया। मरम्मत पूरी होने के बाद ही रेल परिचालन को सामान्य किया गया। इसके बाद सभी ट्रेनों की आवाजाही सुचारू रूप से शुरू हुई और यात्रियों को राहत मिली।
रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की कि वे स्टेशन पर शांत रहें और रेलवे प्रशासन की जानकारी का इंतजार करें। उन्होंने कहा कि तकनीकी कारणों से ऐसी घटनाएं कभी-कभी हो सकती हैं, लेकिन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक कदम तुरंत उठाए जाते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि पुराने ट्रैक और तकनीकी उपकरण समय-समय पर बदलना और जांचना आवश्यक है, ताकि भविष्य में यात्रियों के लिए किसी प्रकार की जोखिम वाली स्थिति न बने। भागलपुर-जमालपुर रेलखंड पर हुई यह घटना रेलवे की सुरक्षा व्यवस्थाओं और पुराने इंफ्रास्ट्रक्चर की आवश्यकता को एक बार फिर सामने ला रही है।
यात्रियों और ग्रामीणों के अनुसार, सुबह की इस घटना के दौरान स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी का माहौल था। अचानक ट्रेनें रुक गईं और लोग परेशान हो गए। हालांकि, रेलवे प्रशासन और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई ने स्थिति को समय रहते नियंत्रित किया।
इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। रेल सेवा के ठप होने के बावजूद सुरक्षा के दृष्टिकोण से उठाए गए त्वरित कदमों की वजह से बड़ा हादसा टल गया। अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया कि फिलहाल रेल परिचालन में कोई समस्या नहीं है और सुरक्षा के सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
घटना ने यह भी उजागर किया कि रेलवे की देखभाल और समय-समय पर रखरखाव की अहमियत कितनी जरूरी है। टूटे तार और पुराने इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी समस्याओं से निपटने के लिए तकनीकी टीम की तत्परता और तत्क्षण कार्रवाई बेहद महत्वपूर्ण साबित हुई।
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से यह भी अनुरोध किया कि किसी भी अनहोनी से बचने के लिए वे स्टेशन पर संयमित रहें और रेलवे अधिकारियों की सूचना का इंतजार करें। इस घटना ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि रेलवे नेटवर्क की सुरक्षा यात्रियों की सुरक्षा के लिए प्राथमिकता होनी चाहिए।
अंततः भागलपुर-जमालपुर रेलखंड पर रविवार की सुबह हुई इस ओवरहेड तार टूटने की घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि रेलवे प्रशासन की तत्परता, तकनीकी टीम की दक्षता और पुलिस के सहयोग से बड़े हादसे को टाला जा सकता है। यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए यह घटना चिंता का विषय रही, लेकिन समय पर उठाए गए कदमों और मरम्मत कार्य के बाद रेल सेवा सामान्य हो गई और यात्रियों को राहत मिली।
यह घटना रेलवे की सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच और पुराने ट्रैक व तकनीकी उपकरणों के नियमित रखरखाव की आवश्यकता को दर्शाती है। भागलपुर-जमालपुर रेलखंड पर यात्रियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए रेलवे प्रशासन सतर्क और तत्पर है, जिससे भविष्य में ऐसे हादसों से बचाव संभव हो सके।