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02-Aug-2025 08:25 AM
By First Bihar
Bihar News: बिहार के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल में से एक अजगैबीनाथ धाम (सुल्तानगंज) में प्रस्तावित हवाई अड्डा परियोजना के तहत जमीन की खरीद-बिक्री पर जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने सख्त रोक लगा दी है। उन्होंने जिला अवर निबंधक को आदेश जारी करते हुए मसदी में 300 एकड़, नोनसर में 225 एकड़, राजगंज में 50 एकड़, कसवा में 205 एकड़, सूजापुर में 40 एकड़ और मंझली में 35 एकड़ भूमि की खरीद-बिक्री पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही आसपास की अन्य जमीनों की भी खरीद-बिक्री पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त जमीन अधिग्रहित की जा सके।
इस निर्णय का उद्देश्य प्रस्तावित हवाई अड्डा निर्माण के लिए भूमि संरक्षण सुनिश्चित करना और अनावश्यक लेन-देन से बचाव करना है। जिलाधिकारी ने यह भी बताया कि प्रस्तावित हवाई अड्डा रैयती खाते की भूमि पर स्थापित किया जाएगा, जिसके कारण भूमि खरीद-बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक आवश्यक है। इस रोक का पालन सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं।
ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट की जमीन की तकनीकी जांच के लिए एक विशेषज्ञ टीम जल्द ही सुल्तानगंज आएगी। वायुयान संगठन निदेशालय के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस. सिद्धार्थ ने भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI), नई दिल्ली के अध्यक्ष को पत्र लिखकर भागलपुर में नए हवाई अड्डे के निर्माण हेतु प्री-फिजिबिलिटी स्टडी और तकनीकी जांच कराने का अनुरोध किया है। इस पत्र में उल्लेख है कि सुल्तानगंज अंचल में 855 एकड़ भूमि को ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट विकास के लिए चिह्नित किया गया है, जिसके लिए सक्षम प्राधिकार से अनुमोदन भी प्राप्त हो चुका है।
इस परियोजना के तहत प्रस्तावित हवाई अड्डे का रनवे 4000 मीटर (उत्तरी छोर) और 3800 मीटर (दक्षिणी छोर) लंबा होगा, जिसकी चौड़ाई 740 मीटर होगी। टर्मिनल भवन की लंबाई 1000 मीटर और चौड़ाई 500 मीटर निर्धारित की गई है। इसके अतिरिक्त, एयरपोर्ट परिसर में चहारदीवारी, वेटिंग लाउंज, प्रशासनिक भवन तथा पार्किंग क्षेत्र सहित अन्य आवश्यक निर्माण कार्य भी शामिल होंगे। भागलपुर रेलवे स्टेशन से इस हवाई अड्डे की दूरी लगभग 30 किलोमीटर है, जबकि सुल्तानगंज मुख्यालय से इसकी हवाई दूरी 2.9 किलोमीटर और सड़क मार्ग से लगभग 6 किलोमीटर है। यह नई सुविधा पूर्वी बिहार के साथ-साथ आसपास के जिलों और झारखंड के सीमावर्ती इलाकों के लिए एयर कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएगी और क्षेत्र के आर्थिक एवं सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
प्रस्तावित हवाई अड्डा धार्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र अजगैबीनाथ धाम के निकट होने के कारण भी महत्वपूर्ण है, जिससे इस क्षेत्र में यात्रियों की संख्या में वृद्धि होगी और स्थानीय व्यापार एवं पर्यटन उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। प्रशासन द्वारा जमीन के संरक्षण और तकनीकी जांच की तैयारी यह दर्शाती है कि इस परियोजना को शीघ्र पूरा करने के लिए सरकार गंभीरता से काम कर रही है। आगामी महीनों में तकनीकी जांच टीम के दौरे के बाद अधिग्रहण की प्रक्रिया और निर्माण कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है, जिससे भागलपुर और आसपास के क्षेत्रों के लिए बेहतर वायु यात्रा सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।