मुंगेर में इंटर परीक्षार्थी 3 दिन से लापता, दोस्त पर अपहरण का आरोप RJD के पूर्व विधायक रियाजुल हक ने थामा JDU का दामन, लालू-तेजस्वी की पार्टी को बड़ा झटका 8 फरवरी से बिहार यात्रा पर निकलेंगे प्रशांत किशोर, हार के बाद जन सुराज को नए सिरे से खड़ा करने की तैयारी पूर्णिया में जमीन विवाद बनी बड़ी समस्या, शिवम मेडिकल कॉलेज निर्माण में अड़चन का आरोप नीट छात्रा की संदिग्ध मौत के बाद बड़ा फैसला: बिहार में गर्ल्स हॉस्टल-लॉज के लिए नियम सख्त, 24 घंटे महिला वार्डन अनिवार्य, जानिये पूरी गाईडलाइन झारखंड के गोड्डा हॉस्टल से फरार 4 नाबालिग बच्चे जमुई स्टेशन पर बरामद, GRP ने परिजनों से मिलाया PMCH और NMCH में फ्लाइंग स्क्वायड की रेड, पकड़ा गया दलाल सफाईकर्मी टर्मिनेट बिहार से लापता 3 नाबालिग बच्चियां दिल्ली से बरामद, पुलिस ने किया परिजनों के हवाले गुलज़ारबाग़ प्रिंटिंग प्रेस के दुर्लभ दस्तावेजों का डिजिटलीकरण, मुख्य सचिव ने किया निरीक्षण बदहाली का आलम देखिये: दिन के उजाले में मरीज का मोबाइल टॉर्च की रोशनी में हुआ ईलाज
14-Jul-2025 10:36 PM
By First Bihar
BIHAR: बेगूसराय में गाड़ी लगाने को लेकर हुए विवाद में एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। कोर्ट ने इस मामले में एक ही परिवार के चार सदस्यों को उम्रकैद की सजा और आर्थिक दंड सुनाया है। बेगूसराय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ऋषिकांत के न्यायालय ने हत्या से जुड़े मामले में मुफस्सिल थाना कांंड संख्या 492/23 की सुनवाई करते हुए इस मामले के आरोपित सिंघौल थाना के कैलाशपुर निवासी आरोपित पिता चंद्रदेव यादव आरोपित मां बबीता देवी एवं आरोपित बेटा अंकेश कुमार और रुपेश कुमार को हत्या में दोषी घोषित किया।
सजा के बिंदु पर सुनवाई के बाद न्यायालय ने चारों आरोपित को भारतीय दंड विधान की धारा 302 में आजीवन कारावास की सजा दी एवं 10,000 का आर्थिक दंड दिया।आर्थिक दंड नहीं देने पर 6 माह का अतिरिक्त कारावास। धारा 307 में 10 साल की सजा एव 5 ,000 अर्थदंड एवं 27 शस्त्र अधिनियम में 5 साल की सजा एवं 3000 रुपया का अर्थदंड, अर्थदंड नही देने पर एक माह का अतिरिक्त सजा। सभी चारों अभियुक्त को न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेजा गया। । अभियोजन की ओर से लोक अभियोजक संतोष कुमार ने कुल 9 गवाहों की गवाही कराई।
आरोपित पर आरोप है कि 19 अगस्त 2023 को 7:30 बजे शाम ग्रामीण सूचक रविंद्र यादव का चचेरा भाई संजीव यादव ने अपना पिकअप भान चंद्रदेव यादव के घर के सामने लगा दिया। इस पर सभी आरोपित ने कहा कि गाड़ी यहां से हटा दो इस पर संजीव यादव ने कहा आगे कीचङ है और हम सरकारी सड़क पर गाड़ी लगाए हुए हैं। इतने में चंद्रदेव यादव ने कहा कि साले को गोली मार दो और चंद्र देव यादव की पत्नी बबीता देवी ने छत पर से तीन पिस्टल लाकर अपने बेटे अंकेश कुमार रुपेश कुमार मिथिलेश कुमार को दिया।
इतने में रूपेश कुमार ने सूचक के चचेरा भाई संजीव कुमार को गोली मार दिया। गोली की आवाज सुनकर सूचक का चाचा बैजू यादव अपने बेटे को गोली लगा देखकर बचाने के लिए दौङे मिथिलेश और अखिलेश ने दो-दो गोली उन्हें मार दिया और वह नीचे गिर पड़े दोनों को गिरा देखकर सूचक का भाई विकास यादव दौङा इतने में अंकेश रूपेश मिथिलेश अखिलेश अंधाधुंध फायरिंग करने लगे जिसमें विकास यादव को गोली लगी और घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई।