BIHAR SPORTS NEWS: जमुई में गूंजा ‘माटी का बल दंगल’, 200 से ज्यादा पहलवानों ने दिखाया दमखम, पारंपरिक कुश्ती को मिला नया मंच

जमुई के श्रीकृष्ण स्टेडियम में आयोजित ‘माटी का बल दंगल’ में 200 से अधिक पहलवानों ने अपनी ताकत दिखाई। उपमुख्यमंत्री की मौजूदगी से खिलाड़ियों का उत्साह दोगुना हो गया।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sat, 14 Feb 2026 07:19:23 PM IST

BIHAR SPORTS NEWS: जमुई में गूंजा ‘माटी का बल दंगल’,  200 से ज्यादा पहलवानों ने दिखाया दमखम, पारंपरिक कुश्ती को मिला नया मंच

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BIHAR SPORTS NEWS: जमुई में गूंजा ‘माटी का बल दंगल’, सम्राट चौधरी की मौजूदगी से खिलाड़ियों में दोगुना जोश 200 से ज्यादा पहलवानों ने दिखाया दमखम, पारंपरिक कुश्ती को मिला नया मंच

बिहार के जमुई स्थित श्रीकृष्ण स्टेडियम में आयोजित ‘माटी का बल दंगल’ ने शनिवार को खेल प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। दो दिवसीय इस भव्य आयोजन में राज्यभर से आए 200 से अधिक पहलवानों ने अखाड़े में अपनी ताकत और कौशल का प्रदर्शन किया। हजारों दर्शकों की मौजूदगी में स्टेडियम में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला।


कार्यक्रम में बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनकी उपस्थिति से खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ा और आयोजन को विशेष महत्व मिला। उन्होंने अखाड़े में पहुंचकर खिलाड़ियों का अभिवादन किया और मुकाबलों का आनंद लिया।


अपने संबोधन में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार खेल प्रतिभाओं की धरती है और राज्य सरकार खिलाड़ियों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि ‘माटी का बल दंगल’ जैसे आयोजन पारंपरिक खेलों को नई पहचान देने का काम कर रहे हैं। इससे युवाओं को फिटनेस, अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा की प्रेरणा मिलती है।


इस मौके पर खेल मंत्री श्रेयसी सिंह सहित कई खेल अधिकारी और गणमान्य लोग मौजूद रहे। खेल मंत्री ने कहा कि सरकार खेल अवसंरचना को मजबूत करने और ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाओं को आगे लाने के लिए प्रतिबद्ध है।

दंगल में अलग-अलग वजन वर्गों में मुकाबले हुए। पहलवानों के बीच रोमांचक भिड़ंत देखने को मिली। दर्शकों ने तालियों और नारों के साथ खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया। ग्रामीण खेल संस्कृति की झलक पूरे आयोजन में साफ नजर आई।


आयोजकों के अनुसार, यह दंगल 14 फरवरी से शुरू होकर 15 फरवरी तक चलेगा। उनका कहना है कि इस तरह के आयोजन से न केवल कुश्ती को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि बिहार के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का अवसर भी मिलेगा।