1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sat, 14 Feb 2026 07:55:32 PM IST
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BIHAR NEWS: बिहार के सरकारी स्कूलों में बेहतर शैक्षणिक कार्य करने वाले शिक्षकों को प्रोत्साहित करने के लिए शिक्षा विभाग की ओर से दिसंबर माह के लिए ‘टीचर ऑफ द मंथ’ की सूची जारी की गई है। इस सूची में राज्य के विभिन्न जिलों के 25 प्रखंड स्तरीय शिक्षकों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर सम्मानित किया गया है। सम्मान पत्र शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेन्दर के हस्ताक्षर से जारी किया गया है।
शिक्षा विभाग का कहना है कि यह पहल सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने और शिक्षकों के मनोबल को मजबूत करने के उद्देश्य से शुरू की गई है। चयन प्रक्रिया में शिक्षण कार्य, विद्यार्थियों के परिणाम, नवाचार, उपस्थिति और विद्यालय प्रबंधन में सक्रिय भूमिका जैसे मानकों को आधार बनाया गया।
इस बार अररिया, बांका, भोजपुर, गया, कैमूर, खगड़िया, मधेपुरा, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, पश्चिम चंपारण और सुपौल समेत कई जिलों के शिक्षकों को सम्मानित किया गया है। अररिया जिले के रानीगंज प्रखंड की कुमारी अनु साह और नरपतगंज के शशांक कुमार को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए चुना गया। बांका जिले से मुकेश कुमार और आभा कुमारी को भी यह सम्मान मिला।
भोजपुर जिले के परवेज हुसैन और मो. कामरान कुरैशी ने अपने विद्यालयों में शैक्षणिक सुधार और विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ाने के प्रयासों से पहचान बनाई। गया जिले से गुड्डी कुमारी, विकास कुमार, सुजीता कुमारी और रखसन हाशमी को भी ‘टीचर ऑफ द मंथ’ का प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। कैमूर जिले के धीरज कुमार और कृष्णा सिंह राठौर को भी उत्कृष्ट शिक्षण के लिए सम्मानित किया गया।
खगड़िया जिले के कई शिक्षकों ने इस सूची में जगह बनाई, जिनमें रिंकी कुमारी, सूरज कुमार, आशुतोष कुमार, सागर सुमन, नुजहत खातुन और प्रीतम कुमार शामिल हैं। मधेपुरा से नीतू कुमारी, मुंगेर से नगीना प्रसाद सिंह और संजय कुमार यादव को भी विभाग की ओर से सराहा गया।
मुजफ्फरपुर के अमितेश कुमार, पश्चिम चंपारण के अभिषेक वाजपेयी और सुपौल जिले की अर्चना कुमारी को भी दिसंबर माह का उत्कृष्ट शिक्षक चुना गया है। विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इन शिक्षकों ने सीमित संसाधनों के बावजूद विद्यालयों में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास किया है।
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि आगे भी हर महीने प्रखंड स्तर पर बेहतर कार्य करने वाले शिक्षकों का चयन कर उन्हें सम्मानित किया जाएगा। इससे शिक्षकों में प्रतिस्पर्धा की भावना बढ़ेगी और सरकारी विद्यालयों की गुणवत्ता में सुधार होगा।