1st Bihar Published by: First Bihar Updated Aug 27, 2025, 3:08:47 PM
बीसीसीआई की पेंशन योजना - फ़ोटो GOOGLE
BCCI Pension Scheme: हाल ही में कई भारतीय क्रिकेटरों ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहा है, और अब इस सूची में अनुभवी बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा का नाम भी जुड़ गया है। टेस्ट क्रिकेट में भारत के लिए मजबूत दीवार साबित हुए पुजारा ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई अहम पारियां खेली हैं। अब उनके रिटायरमेंट के बाद, उन्हें बीसीसीआई की पेंशन योजना का लाभ मिलने की उम्मीद है।
BCCI (भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड) ने अपने पूर्व खिलाड़ियों के लिए पेंशन योजना की शुरुआत की थी, जिसका उद्देश्य रिटायरमेंट के बाद उन्हें वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना है। यह योजना न केवल इंटरनेशनल बल्कि डोमेस्टिक लेवल पर खेलने वाले खिलाड़ियों के लिए भी लागू होती है। साथ ही, महिला क्रिकेटर्स, अंपायर्स और कुछ वरिष्ठ बीसीसीआई अधिकारी भी इस स्कीम के तहत पेंशन के पात्र होते हैं। खिलाड़ियों की पेंशन की राशि इस बात पर निर्भर करती है कि उन्होंने किस स्तर पर और कितने साल तक क्रिकेट खेला है।
बीसीसीआई द्वारा हाल ही में की गई बढ़ोतरी के अनुसार टेस्ट क्रिकेट खेलने वाले खिलाड़ियों को ₹60,000 प्रति माह (पहले ₹37,500), फर्स्ट-क्लास (डोमेस्टिक) खिलाड़ियों को ₹30,000 प्रति माह (पहले ₹15,000) मिलता है। वहीं, अगर सीनियर खिलाड़ियों की पेंशन की बात करें तो जिन्होंने लंबे समय तक सेवाएं दी हैं उन्हें ₹70,000 प्रति माह (पहले ₹50,000) दिया जाता है।
बीसीसीआई की यह पेंशन हर साल स्वतः नहीं बढ़ती, लेकिन बोर्ड समय-समय पर महंगाई और आर्थिक हालात को देखते हुए इसमें बदलाव करता है। पिछले कुछ वर्षों में कई बार पेंशन की राशि में उल्लेखनीय इजाफा किया गया है। पेंशन की राशि तय करते समय खिलाड़ी की उम्र भी अहम भूमिका निभाती है। उदाहरण के तौर पर, यदि कोई खिलाड़ी 60 वर्ष की उम्र पार कर लेता है, तो उसकी पेंशन में स्वतः बढ़ोतरी की जाती है। यह कदम वरिष्ठ खिलाड़ियों को सम्मान देने और उन्हें आर्थिक सुरक्षा देने के उद्देश्य से उठाया गया है।
इस योजना में भारत की ओर से इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने वाले खिलाड़ी, लंबे समय तक डोमेस्टिक क्रिकेट में योगदान देने वाले खिलाड़ी और महिला टीम यानि महिला क्रिकेटर्सको पेंशन योजना मिलता है। बीसीसीआई की यह पेंशन योजना यह सुनिश्चित करती है कि ऐसे खिलाड़ियों को रिटायरमेंट के बाद किसी प्रकार की आर्थिक असुविधा न हो। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि पुजारा जैसे अन्य रिटायर्ड खिलाड़ियों को बोर्ड किस तरह का सहयोग और सम्मान प्रदान करता है।