धर्मPremanand Maharaj: बाबा प्रेमानंद जी के अनुसार इन 7 जगहों पर मौन रहना है जरूरी
संत प्रेमानंद महाराज के अनुसार, कुछ विशेष अवसरों पर मौन रखना अत्यंत लाभकारी होता है। उनका कहना है कि बोलने और चुप रहने की कला इंसान के व्यक्तित्व का आईना होती है।

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धर्मसंत प्रेमानंद महाराज के अनुसार, कुछ विशेष अवसरों पर मौन रखना अत्यंत लाभकारी होता है। उनका कहना है कि बोलने और चुप रहने की कला इंसान के व्यक्तित्व का आईना होती है।
Breakingधर्मपटना के एक सौ से अधिक मंदिरों में सामूहिक हनुमान चालीसा का आयोजन आगामी 11 जनवरी को होने वाला है. इस कार्यक्रम को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं.
धर्मरामायण में भगवान श्री राम और उनके परम भक्त हनुमान जी की पहली मुलाकात एक महत्वपूर्ण और अद्भुत घटना है। यह मुलाकात उस समय हुई जब भगवान राम अपनी पत्नी सीता की खोज में वन में भटक रहे थे।
धर्महर साल आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा बड़े ही धूमधाम से निकाली जाती है। इस वर्ष यह यात्रा 27 जून 2025 को शुरू होगी।
धर्ममकर संक्रांति हर साल 14 जनवरी को सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने के उपलक्ष्य में मनाई जाती है। यह पर्व न केवल धार्मिक बल्कि वैज्ञानिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी बेहद खास है।
धर्मपुत्रदा एकादशी का व्रत हिंदू धर्म में संतान प्राप्ति और सुख-समृद्धि के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। पौष शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को भगवान विष्णु की पूजा और व्रत का विधान है।
धर्मअचानक धन की कमी या आर्थिक तंगी का अनुभव होना अक्सर चिंता का कारण बन सकता है। ज्योतिष और वास्तु शास्त्र के अनुसार, इसके पीछे कई बार हमारी आदतें और कुछ सामान्य लेकिन अनजाने में की गई गलतियाँ जिम्मेदार होती हैं।
धर्ममहाभारत का कुरुक्षेत्र युद्ध धर्म और अधर्म की टकराहट का प्रतीक है, जहां रिश्तों और नैतिकता की कठिन परीक्षा हुई। इस युद्ध में पांडवों के मामा, मद्र नरेश शल्य, कौरवों की सेना में शामिल हुए।
धर्मइस बार महाकुंभ में शैव परंपरा के श्री शंभू पंचायती अटल अखाड़े की पेशवाई, यानी महाकुंभ छावनी प्रवेश शोभायात्रा, बक्शी बांध स्थित आश्रम से शुरू होकर दारागंज की गलियों से होती हुई महाकुंभ छावनी में प्रवेश की।
धर्मउत्तर प्रदेश के प्रयागराज में होने वाला महाकुंभ 2025 भारतीय संस्कृति और आस्था का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन है। इस आयोजन में लाखों श्रद्धालु आते हैं, और विशेष रूप से शाही स्नान की परंपरा को अत्यधिक महत्व दिया जाता है।
धर्ममहाभारत में शिखंडी एक ऐसा योद्धा था, जिसकी कहानी न सिर्फ अद्वितीय है, बल्कि बहुत ही विचित्र भी है। द्रुपद के घर जन्मी इस व्यक्ति की असलियत और उसकी जन्मकथा से जुड़ी घटनाएं आज भी रहस्यमयी बनी हुई हैं।
धर्मनए साल का पहला शनिवार 2025 में विशेष महत्व रखता है, क्योंकि यह पौष शुक्ल पंचमी तिथि, शतभिषा नक्षत्र और सिद्धि योग के साथ है।