ब्रेकिंग
‘जहां जीतेंगे, वहां 10 हजार नौकरी देंगे’, MLC उम्मीदवारों की घोषणा के बाद प्रशांत किशोर का बड़ा एलानBihar MLC Election : MLC चुनाव में जन सुराज की एंट्री, दरभंगा से पटना तक 5 उम्मीदवार मैदान में; देखें पूरी लिस्टBihar MLC Election 2026 : अनंत सिंह की बगावत के बाद एक्शन में नीतीश कुमार, नीरज की जीत के लिए चला 'अमोघ अस्त्र'! ललन सिंह से मुलाकात के बाद क्या बदलेगा खेल?अनंत-नीरज की लड़ाई में क्यों चुप हैं नीतीश कुमार? ‘पंच परमेश्वर’ बनने से क्यों बच रहे JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष, कहीं यह सोची-समझी रणनीति तो नहीं?Bihar News : डायल-112 टीम पर हमला पड़ेगा महंगा, थानेदार पर होगी कार्रवाई; बिहार पुलिस मुख्यालय का सख्त आदेश‘जहां जीतेंगे, वहां 10 हजार नौकरी देंगे’, MLC उम्मीदवारों की घोषणा के बाद प्रशांत किशोर का बड़ा एलानBihar MLC Election : MLC चुनाव में जन सुराज की एंट्री, दरभंगा से पटना तक 5 उम्मीदवार मैदान में; देखें पूरी लिस्टBihar MLC Election 2026 : अनंत सिंह की बगावत के बाद एक्शन में नीतीश कुमार, नीरज की जीत के लिए चला 'अमोघ अस्त्र'! ललन सिंह से मुलाकात के बाद क्या बदलेगा खेल?अनंत-नीरज की लड़ाई में क्यों चुप हैं नीतीश कुमार? ‘पंच परमेश्वर’ बनने से क्यों बच रहे JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष, कहीं यह सोची-समझी रणनीति तो नहीं?Bihar News : डायल-112 टीम पर हमला पड़ेगा महंगा, थानेदार पर होगी कार्रवाई; बिहार पुलिस मुख्यालय का सख्त आदेश

Navratri 2025: कल से शुरू हो रही है शारदीय नवरात्रि, जानें घटस्थापना का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

Navratri 2025: शारदीय नवरात्रि 2025 का महापर्व सोमवार, 22 सितंबर से शुरू हो रहा है, जो नौ दिनों तक चलने वाला एक भव्य त्योहार है। इस उत्सव की शुरुआत कलश स्थापना या घटस्थापना से होती है, जो नवरात्रि के पहले दिन को विशेष महत्व देती है।

Navratri 2025
शारदीय नवरात्रि 2025
© GOOGLE
PRIYA DWIVEDI
3 मिनट

Navratri 2025: शारदीय नवरात्रि 2025 का महापर्व सोमवार, 22 सितंबर से शुरू हो रहा है, जो नौ दिनों तक चलने वाला एक भव्य त्योहार है। इस उत्सव की शुरुआत कलश स्थापना या घटस्थापना से होती है, जो नवरात्रि के पहले दिन को विशेष महत्व देती है। इस दिन से नवदुर्गा की पूजा प्रारंभ होती है और पूरे नौ दिन तक व्रत, पूजा-पाठ, मंत्र जाप, आरती, साधना और डांडिया जैसे धार्मिक आयोजन संपन्न होते हैं।


इस वर्ष आश्विन शुक्ल प्रतिपदा तिथि 22 सितंबर को रात 1:23 बजे से प्रारंभ होकर 23 सितंबर को सुबह 2:55 बजे तक रहेगी। घटस्थापना का सबसे शुभ मुहूर्त 21 सितंबर की सुबह 6:09 से 7:40 बजे तक है। इसके अलावा सुबह 9:11 से 10:43 बजे तक शुभ-उत्तम मुहूर्त और सुबह 11:49 से दोपहर 12:38 बजे तक कलश स्थापना का अभिजीत मुहूर्त भी है, जिसमें पूजा की जा सकती है।


कलश स्थापना के लिए मिट्टी या पीतल का कलश, गंगाजल, जौ, जटा वाला नारियल, आम, अशोक और केले के पत्ते, सात प्रकार के अनाज (सतनाज), गाय का गोबर, घी, बाती, माचिस, फूल, मौसमी फल, मिठाई, अक्षत, रोली, चंदन, कपूर, कलावा, लौंग, इलायची, पंचमेवा, सुपारी, पान का पत्ता, लाल फूल, माला, नैवेद्य और मां दुर्गा का ध्वज आदि सामग्री आवश्यक होती है।


नवरात्रि के पहले दिन स्नान करके साफ कपड़े पहनकर व्रत-पूजा का संकल्प लेना चाहिए। पूजा स्थल के ईशान कोण में चौकी रखकर पीले रंग का कपड़ा बिछाएं और उस पर सात प्रकार के अनाज रखें। कलश में रक्षासूत्र बांधकर तिलक लगाएं, फिर गंगाजल भरें। कलश के अंदर अक्षत, फूल, हल्दी, चंदन, सुपारी, रोली, सिक्का, दूर्वा घास आदि डालें और ऊपर से आम या अशोक के पत्ते रखें। इसके बाद कलश को ढक्कन से बंद कर दें और ऊपर नारियल रखें, जिसे तिलक और रक्षासूत्र से सजाएं। कलश के पास अखंड ज्योति जलाएं, जो नवमी तक जलती रहे।


पूजा की शुरुआत भगवान गणेश, वरुण देव और अन्य देवी-देवताओं के स्मरण और पूजा से करें। कलश के पास मिट्टी डालकर उसमें जौ बोएं और पानी से सींचते रहें। यह जौ पूरे नौ दिन उसी स्थान पर रहेगा और प्रतिदिन पानी दिया जाएगा।


नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा विशेष होती है। कलश स्थापना के बाद पूजा स्थल को साफ कर लाल कपड़ा बिछाएं, मां शैलपुत्री की तस्वीर या प्रतिमा स्थापित करें। उन्हें सिंदूर, भोग, फल, फूल और नैवेद्य अर्पित करें। इसके बाद उनकी व्रत कथा पढ़ें और मंत्र जाप करें। अंत में मां शैलपुत्री की आरती करें। इस तरह नवरात्रि के प्रथम दिन घटस्थापना और मां शैलपुत्री की पूजा के साथ शुभ शुरुआत होती है, जो पूरे नौ दिन तक धार्मिक और सांस्कृतिक उत्साह के साथ मनाई जाती है। यह पर्व न केवल आध्यात्मिक उन्नति का माध्यम है, बल्कि पारिवारिक और सामाजिक सौहार्द का भी प्रतीक है।