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Holashtak 2026: होलाष्टक से पहले करें ये जरूरी वास्तु उपाय, घर में बढ़ जाएगी सकारात्मक ऊर्जा

Holashtak 2026: होलाष्टक होली से 8 दिन पहले शुरू होने वाला अशुभ काल होता है. इस दौरान वास्तु अनुसार जरूरी उपाय करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और अधूरे काम पूरे होते हैं.

Holashtak 2026
प्रतिकात्मक तस्वीर
© Google
Mukesh Srivastava
2 मिनट

Holashtak 2026: हिंदू धर्म में ज्योतिष और वास्तु के अनुसार होलाष्टक का विशेष महत्व माना जाता है। होली से आठ दिन पहले शुरू होने वाली इस अवधि को अशुभ समय माना जाता है, जिसमें शुभ और मांगलिक कार्यों से परहेज किया जाता है।


साल 2026 में होलाष्टक की शुरुआत 24 फरवरी से होगी और 3 मार्च तक यह अवधि रहेगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसका संबंध हिरण्यकश्यप और भक्त प्रह्लाद की पौराणिक कथा से जुड़ा है। मान्यता है कि इस दौरान ग्रहों की स्थिति कुछ प्रतिकूल रहती है, इसलिए धैर्य और सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। हालांकि यह समय पूजा-पाठ, दान और भक्ति के लिए शुभ माना गया है।


वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में पड़ी टूटी-फूटी या बेकार वस्तुएं नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाती हैं। होलाष्टक शुरू होने से पहले घर की अच्छी तरह सफाई करें और अनुपयोगी सामान बाहर निकाल दें। इससे सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है। यदि घर में मरम्मत, पेंटिंग, निर्माण या रिनोवेशन का काम चल रहा है तो उसे होलाष्टक से पहले पूरा कर लें। अधूरे कार्य नकारात्मकता को बढ़ा सकते हैं।


होलाष्टक आत्म-चिंतन और साधना का समय माना जाता है। इन दिनों महामृत्युंजय मंत्र या हनुमान चालीसा का पाठ करना शुभ माना जाता है। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। वास्तु के इन नियमों का पालन कर घर को नकारात्मक प्रभाव से बचाया जा सकता है और सुख-समृद्धि में वृद्धि की जा सकती है।


डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारियां धार्मिक मान्यताओं और सामान्य वास्तु सिद्धांतों पर आधारित हैं। इसकी पूर्ण सत्यता का दावा नहीं किया जाता। विस्तृत जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ से परामर्श लें।

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FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता