1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Sat, 21 Feb 2026 01:45:54 PM IST
प्रतिकात्मक तस्वीर - फ़ोटो AI
Bihar Nuclear Power Plant: बिहार की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए राज्य सरकार और केंद्र ने बड़ा कदम उठाया है। NPCIL ने बिहार में परमाणु ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के लिए प्रारंभिक सर्वेक्षण पूरा कर लिया है। पटना स्थित विद्युत भवन में ऊर्जा सचिव मनोज कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में बताया गया कि बांका जिले के शंभूगंज और भितरिया क्षेत्र इस परियोजना के लिए सबसे उपयुक्त पाए गए हैं।
बैठक में NTPC और NPCIL की टीमों ने अपनी तकनीकी रिपोर्ट साझा की। सर्वे में इन क्षेत्रों की कम आबादी और पथरीली जमीन को भारी संरचना के लिए अनुकूल बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, ये दोनों स्थान नवादा के रजौली और सिवान के संभावित स्थलों से आगे हैं। हालांकि, परमाणु संयंत्र के संचालन के लिए निरंतर और पर्याप्त जल आपूर्ति बड़ी चुनौती है।
रिएक्टर को ठंडा रखने के लिए भारी मात्रा में पानी की जरूरत होती है, जबकि चयनित स्थलों पर फिलहाल स्थायी जल स्रोत उपलब्ध नहीं है। जल आपूर्ति के लिए दो विकल्पों पर विचार हो रहा है पहला, गंगा नदी से पाइपलाइन के जरिए पानी पहुंचाना, दूसरा नेपाल से आने वाली नदियों पर बड़े जलाशय बनाना। अधिकारियों का मानना है कि गंगा सबसे बड़ा और विश्वसनीय स्रोत हो सकती है।
सिवान जिले में भी सर्वे जारी है, लेकिन भूकंपीय जोन में होने के कारण वहां अतिरिक्त सुरक्षा जांच की आवश्यकता होगी। परमाणु परियोजनाओं में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन अनिवार्य होता है। बता दें कि भारत सरकार ने वर्ष 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य रखा है। बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए बिहार में प्रस्तावित यह संयंत्र न केवल राज्य के औद्योगिकीकरण को गति देगा, बल्कि राष्ट्रीय ऊर्जा ग्रिड को भी मजबूती प्रदान करेगा।