ट्रेन में चोरी का बड़ा खुलासा: कोच अटेंडेंट के सुपरवाइजर ही कर रहे यात्रियों का सामान चोरी, नेपाल से जुड़े गिरोह का पर्दाफाश

Bihar Crime News: दानापुर रेल पुलिस ने ट्रेन में चोरी करने वाले मोबाइल चोर गिरोह का खुलासा किया। गिरोह में ट्रेन कर्मी भी शामिल थे, जो चोरी किए गए मोबाइल नेपाल में बेच रहे थे। तीन शातिरों को गिरफ्तार किया गया।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Sat, 21 Feb 2026 09:45:36 AM IST

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प्रतिकात्मक तस्वीर - फ़ोटो Google

Bihar Crime News: ट्रेनों में बढ़ती चोरी की वारदातों के बीच पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि कई मामलों में ट्रेन में काम करने वाले कर्मी ही यात्रियों का सामान चुराकर नेपाल में बेच रहे हैं। दानापुर रेल पुलिस ने ऐसे ही एक गिरोह से जुड़े तीन शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जिसमें सीमांचल एक्सप्रेस के कोच अटेंडेंट के सुपरवाइजर भी शामिल हैं।


रेल पुलिस ने गिरफ्तार सुपरवाइजर के पास से 18 चोरी किए गए स्मार्टफोन बरामद किए। ये फोन बुंदेलखंड से चोरी किए गए थे और जोगबनी ले जाने के बाद नेपाल भेजे जाने वाले थे। सुपरवाइजर की पहचान सुपौल निवासी सुशील कुमार सिंह के रूप में हुई है। वह पिछले एक साल से मोबाइल चोरी गिरोह के संपर्क में था। इसके अलावा, कटिहार से मोबाइल खपाने में मदद करने वाले गिरोह के दो अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार किया गया है।


बुंदेलखंड में हाल के दिनों में मोबाइल चोरी और ठगी की कई घटनाएं हुई थीं। एक स्थानीय महिला से ठगी के मामले में भी गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे चोरी के मोबाइल और अन्य सामान नेपाल में बेचते थे।


रेल पुलिस के अनुसार, ट्रेनों में चोरी की घटनाओं में हाल के समय में जबरदस्त वृद्धि हुई है। कई मामले पुलिस तक पहुंचते ही नहीं हैं क्योंकि यात्रियों को केस दर्ज कराने के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इस स्थिति का फायदा उठाकर अपराधी गाड़ियों और स्टेशनों पर यात्रियों का सामान चुराते हैं।


पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और पूरे गिरोह का पर्दाफाश करने के लिए जांच तेज कर दी गई है। ये अपराधी बिहार, उत्तर प्रदेश, बंगाल, दिल्ली समेत कई राज्यों में ऑपरेट कर रहे थे और वीआईपी यात्रियों का सामान नेपाल में भेजकर बेचते थे। पुलिस नेपाल में छिपे अन्य गिरोह के सदस्यों का पता लगाने में जुटी है और चोरी गए मोबाइल को खरीददारों तक पहुंचाने के नेटवर्क की भी जांच कर रही है।