UK के AI मंत्री कनिष्क नारायण बिहार के लाल: दिल्ली में आयोजित एआई समिट से पहुंचे गृह जिला, 23 साल बाद खींच लाई मिट्टी की महक

Bihar News: मुजफ्फरपुर में जन्मे कनिष्क नारायण ब्रिटेन सरकार में एआई और ऑनलाइन सुरक्षा मंत्री बने। 23 साल बाद बिहार लौटकर बदले हुए राज्य की प्रगति पर जताई खुशी।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Sat, 21 Feb 2026 12:59:55 PM IST

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बिहार के लाल ने किया कमाल - फ़ोटो Google

Bihar News: मुजफ्फरपुर में जन्मे कनिष्क नारायण ने वह कर दिखाया, जो किसी सपने से कम नहीं। भारत में जन्म लेकर ब्रिटेन की राजनीति में जगह बनाने वाले कनिष्क आज यूनाइटेड किंगडम सरकार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ऑनलाइन सुरक्षा मंत्री हैं।


दिल्ली में आयोजित एआई समिट में ब्रिटेन का प्रतिनिधित्व करने आए कनिष्क अपनी जन्मभूमि की ओर खिंचे चले आए। शाही लीची और आम के स्वाद के दीवाने कनिष्क 23 साल बाद बिहार लौटे तो राज्य की बदली तस्वीर देखकर प्रसन्न नजर आए। पटना में जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद संजय झा ने मिथिला परंपरा के अनुसार उनका स्वागत किया।


नवंबर 1989 में जन्मे कनिष्क नारायण का पैतृक संबंध वैशाली जिले के गोरौल से है। शुरुआती पढ़ाई मुजफ्फरपुर के प्रभात तारा स्कूल से हुई। बाद में परिवार दिल्ली और फिर वेल्स (ब्रिटेन) चला गया। उन्होंने कार्डिफ में स्कूली शिक्षा प्राप्त की और छात्रवृत्ति के आधार पर प्रतिष्ठित Eton College में दाखिला लिया। इसके बाद ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से राजनीति, दर्शनशास्त्र और अर्थशास्त्र में स्नातक किया तथा अमेरिका की स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी से एमबीए की डिग्री हासिल की।


महज 18 वर्ष की उम्र में वे लेबर पार्टी से जुड़ गए। राजनीति में आने से पहले उन्होंने ब्रिटिश सिविल सर्विस और कैबिनेट ऑफिस में एडवाइजर के रूप में कार्य किया। 4 जुलाई 2024 को वे वेल्स से लेबर पार्टी के सांसद चुने गए और सितंबर 2025 में ब्रिटेन सरकार में एआई और ऑनलाइन सुरक्षा मंत्री बनाए गए।


उन्होंने एआई नीति, ऑनलाइन सुरक्षा, सेमीकंडक्टर और उभरती तकनीकों के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में भाग लेने के बाद वे मुजफ्फरपुर पहुंचे, जहां एसकेजे लॉ कॉलेज में छात्रों से संवाद भी किया। कनिष्क ने कहा कि 23 वर्षों बाद बिहार आकर उन्होंने राज्य में बड़ा बदलाव देखा है। मुजफ्फरपुर की लीची और आम की मिठास आज भी उनकी यादों में बसी है।