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Bihar News : बिहार का अनोखा गांव...जहां 300 वर्षों से नहीं खाया जाता मांसाहार

Bihar News :बिहार के गया जिले में बिहिआईन नामक एक गांव ऐसा है जहां के लोग पिछले 300 वर्षों से पूरी तरह शाकाहारी जीवन जी रहे हैं। इस गांव में कोई भी व्यक्ति मांस, मछली, अंडा या शराब का सेवन नहीं करता। ऐसा माना जाता है|

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प्रतीकात्मक तस्वीर
© Google
Nitish Kumar
Nitish Kumar
2 मिनट

Bihar Politics:  बिहार में कई रोचक परंपराएं और मान्यताएं देखने को मिलती हैं। इन्हीं में से एक गया जिले का बिहिआईन गांव, जहां के लोग पिछले 300 वर्षों से पूर्णत  शाकाहारी जीवन जी रहे हैं। इस गांव में कोई भी व्यक्ति मांस, मछली, अंडा या शराब का सेवन नहीं करता।


300 वर्षों से निभाई जा रही परंपरा

गया जिले के इस गांव की जनसंख्या लगभग 400-500 है, और यहां के सभी निवासी वैष्णव परंपरा का पालन करते हैं। खास बात यह है कि शादी के बाद जब दूसरी जगह से महिलाएं इस गांव में आती हैं, तो वे भी इस परंपरा का पालन करने लगती हैं।

ब्रह्म बाबा की आस्था से जुड़ी मान्यता

स्थानीय लोगों का मानना है कि गांव के एक व्यक्ति को ब्रह्म बाबा का आशीर्वाद प्राप्त हुआ था, जिसके बाद उन्होंने अपने पापों के प्रायश्चित के रूप में मांस और शराब का त्याग किया। इसके बाद पूरे गांव ने इस परंपरा को अपनाया और शाकाहार को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बना लिया।

ब्रह्म बाबा की नाराजगी का डर

गांव के बुजुर्ग बताते हैं कि यदि कोई व्यक्ति इस परंपरा का उल्लंघन करता है, तो ब्रह्म बाबा नाराज हो जाते हैं, जिससे उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ते हैं। यही कारण है कि बिहिआईन के लोग, चाहे वे कहीं भी रहें, मांसाहार से पूरी तरह परहेज करते हैं। बिहार में जहां 88% से अधिक लोग मांसाहारी हैं, वहीं बिहिआईन गांव अपनी सदियों पुरानी परंपरा और धार्मिक आस्था के कारण एक मिसाल बना हुआ है।

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