1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Tue, 12 Aug 2025 04:47:35 PM IST
- फ़ोटो google
Bihar News: वाल्मिकी टाइगर रिजर्व से निकल कर बगहा के रिहायशी इलाके में घूम रहे खूंखार बाघ को वन विभाग की टीम ने आखिरकार पकड़ लिया। सोमवार को बाघ ने खेत में काम कर रहे किसान को मार डाला था। इस घटना के बाद वन विभाग की टीम एक्शन में आई और 24 घंटे के भीतर बाघ का रेस्क्यू किया। बाघ की स्वास्थ्य जांच करने के बाद उसे पटना जू भेजा जाएगा।
दरअसल, वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के पास सोमवार को एक किसान का शिकार करने वाले बाघ को वन विभाग की टीम ने महज 24 घंटे के भीतर रेस्क्यू कर लिया। यह घटना वीटीआर वन प्रमंडल-1 के गोवर्धना वनक्षेत्र से सटे घोड़ाघाट खैरहनी गांव के समीप नरिया सरेह में हुई थी, जहां खेत में सो रहे किसान मथुरा महतो को बाघ ने अपना शिकार बना लिया।
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान बाघ ने एक वनकर्मी विजय उरांव पर भी हमला कर दिया, जिससे वह घायल हो गया। हालांकि मंगलवार सुबह 7:30 बजे बाघ को ट्रैक्यूलाइज़र गन से बेहोश कर सुरक्षित पकड़ लिया गया। वीटीआर के वन संरक्षक सह क्षेत्र निदेशक डॉ. नेशामणि के ने बताया कि बाघ की उम्र करीब 12 वर्ष है और वह काफी कमजोर स्थिति में पाया गया है।
वेटनरी जांच में यह बात सामने आई कि बाघ शायद अपनी कमजोरी और अधिक उम्र के चलते जंगली जानवरों का शिकार करने में असमर्थ था और इसी कारण वह इंसानी बस्ती की ओर भटक आया। उसका मूल आवास नेपाल के माड़ी जंगल में बताया जा रहा है। वनकर्मी और किसान पर हमले की सूचना मिलते ही वन प्रमंडल-1 के डीएफओ विकास अहलावत, रेंजर सत्यम कुमार, वेटनरी डॉक्टर संजीव कुमार और बॉयोलॉजिस्ट पंकज ओझा मौके पर पहुंच गए।
सोमवार शाम से ही बाघ को पकड़ने के लिए ड्रोन कैमरों से लोकेशन ट्रैक की गई और गन्ने के खेत में जाल बिछाया गया। बाघ को ड्रोन से चिन्हित कर, ट्रैक्यूलाइज़र गन से बेहोश किया गया और रेस्क्यू वाहन में लादकर सुरक्षित बाहर निकाला गया। फिलहाल उसकी स्वास्थ्य जांच पूरी कर ली गई है और उसे जल्द ही पटना जू में स्थानांतरित किया जाएगा।