TMC Dispute: तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर चल रहे विवाद के बीच चुनाव आयोग ने दोनों प्रतिद्वंद्वी गुटों को अंतरिम तौर पर अलग-अलग नाम और चुनाव चिन्ह आवंटित कर दिए हैं। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को 'ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस' नाम और 'फुटबॉल प्लेयर' चुनाव चिन्ह दिया गया है। वहीं रितब्रता बनर्जी के गुट को 'डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस' नाम और 'एनवेलप' यानी लिफाफा चुनाव चिन्ह आवंटित किया गया है।
यह व्यवस्था फिलहाल अंतरिम है। चुनाव आयोग ने पहले 'ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस' नाम और पार्टी के पारंपरिक ‘दो फूल और घास’ वाले चुनाव चिन्ह के इस्तेमाल पर रोक लगा दी थी। दोनों गुटों से नए नाम और उपलब्ध चुनाव चिन्ह के विकल्प मांगे गए थे।
चुनाव आयोग के निर्देश के बाद ममता बनर्जी और रितब्रता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुटों ने तीन-तीन नाम और चुनाव चिन्ह के विकल्प आयोग को दिए थे। इसके बाद आयोग ने दोनों गुटों के लिए अलग-अलग नाम और चुनाव चिन्ह आवंटित किए। रितब्रता बनर्जी ने कहा कि उनके गुट ने सामूहिक रूप से तीन नाम प्रस्तावित किए थे और आयोग ने 'डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस'नाम के साथ 'एनवेलप' चुनाव चिन्ह आवंटित किया है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद तृणमूल कांग्रेस के भीतर दो गुटों के बीच पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर विवाद सामने आया। दोनों पक्षों ने पार्टी पर अपना दावा पेश किया, जिसके बाद मामला चुनाव आयोग तक पहुंचा।
चुनाव आयोग ने 17 सितंबर को अंतरिम आदेश जारी करते हुए दोनों गुटों को आगामी उपचुनाव में 'ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस' नाम और उसके आरक्षित ‘दो फूल और घास’ चुनाव चिन्ह का इस्तेमाल करने से रोक दिया था। आयोग ने दोनों पक्षों को अलग-अलग नाम और उपलब्ध चुनाव चिन्ह चुनने का निर्देश दिया था।
पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव होने हैं। इन्हीं उपचुनावों को देखते हुए चुनाव आयोग ने दोनों गुटों के लिए फिलहाल अलग-अलग नाम और चुनाव चिन्ह आवंटित किए हैं। पार्टी के मूल नाम और पारंपरिक चुनाव चिन्ह को लेकर अंतिम फैसला अभी बाकी है।





