Bihar News: मुजफ्फरपुर में चार साल पहले जिस युवक की हत्या का मामला दर्ज कर पुलिस जांच कर रही थी, वह अचानक थाने पहुंच गया. पुलिस के सामने युवक के जिंदा आने के बाद पूरे मामले की कहानी ही बदल गई. जांच में सामने आया कि प्रेम प्रसंग को छिपाने और परिजनों से दूर रहने के लिए युवक ने अपनी हत्या की झूठी कहानी रची थी.
मामला देवरिया थाना क्षेत्र से जुड़ा है. बताया जाता है कि गोपालगंज जिले के थावे थाना क्षेत्र निवासी सोनू कुमार 6 नवंबर 2022 को दुकान का सामान खरीदने के लिए 50 हजार रुपये लेकर पटना जाने के लिए घर से निकला था. इसके बाद वह वापस नहीं लौटा.
तीन दिन बाद 9 नवंबर 2022 को सोनू के भाई धीरज प्रसाद श्रीवास्तव ने उसकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई. इसी दौरान सोनू के मोबाइल से परिजनों के व्हाट्सऐप पर एक ऑडियो और सिर से खून बहने वाली फोटो भेजी गई. ऑडियो में बताया गया था कि कुछ बदमाशों ने रुपये लूटने के बाद उसकी हत्या कर दी है.
इसके बाद मामले में मुजफ्फरपुर के देवरिया थाने में हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गई. पुलिस ने कांड संख्या 25/23 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की. मामले की जांच के लिए एसडीपीओ सरैया के नेतृत्व में विशेष जांच टीम का गठन किया गया.
युवती के अपहरण मामले से खुली पूरी कहानी
मामले की जांच के दौरान पुलिस को थावे थाने में दर्ज एक युवती के अपहरण के मामले की जानकारी मिली. इस मामले में कांड संख्या 324/22 दर्ज था. पुलिस ने दोनों मामलों की कड़ियों को जोड़कर जांच शुरू की तो सोनू से जुड़ी कई अहम जानकारियां सामने आने लगीं.
जांच में पता चला कि सोनू ने अपनी मौत का झूठा ड्रामा रचा था. इसके बाद वह उसी युवती को लेकर दूसरे राज्य चला गया था. पुलिस उसकी तलाश में लगातार कार्रवाई कर रही थी.
17 सितंबर को खुद थाने पहुंचा सोनू
पुलिस की बढ़ती दबिश के बीच सोनू कुमार 17 सितंबर 2026 को अचानक देवरिया थाने पहुंच गया. चार साल से जिस युवक को पुलिस मृत मानकर हत्या के मामले की जांच कर रही थी, उसे जिंदा देखकर पुलिस भी मामले की पूरी सच्चाई जानने में जुट गई.
एसडीपीओ सरैया अभिजीत कौर के अनुसार, सोनू ने पूछताछ में अपनी साजिश की बात स्वीकार की है. पुलिस अब अपनी मौत की झूठी कहानी बनाकर जांच को गुमराह करने और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है. मामले में सोनू के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है.




