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नंदीग्राम उपचुनाव से पहले बड़ा सियासी खेल, सीएम शुभेंदु से मुलाकात के बाद ममता गुट की उम्मीदवार ने वापस लिया नाम

पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम उपचुनाव से पहले बड़ा सियासी बदलाव हुआ है। ममता बनर्जी गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली है। नामांकन वापस लेने से पहले उनकी मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात हुई थी।

West Bengal News
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Mukesh Srivastava
3 मिनट

West Bengal News: पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से पहले सियासी घटनाक्रम में बड़ा बदलाव आया है। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने चुनावी मैदान से अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली है। उनके नाम वापस लेने के बाद नंदीग्राम उपचुनाव की तस्वीर बदल गई है।



संचिता प्रधान डे को ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस गुट ने नंदीग्राम से उम्मीदवार बनाया था। 13 सितंबर को उनके नाम का ऐलान किया गया था। नंदीग्राम और रेजीनगर सीटों पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव होना है और मतगणना 9 अक्टूबर को होगी।



संचिता प्रधान डे ने नामांकन वापस लेने से पहले राज्य सचिवालय नबन्ना पहुंचकर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की थी। इस मुलाकात को उस समय शिष्टाचार भेंट बताया गया था। अब उनके चुनाव से हटने के बाद इस मुलाकात को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।



हालांकि, संचिता प्रधान डे ने अपनी उम्मीदवारी वापस लेने की वजह के बारे में अभी तक विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। इसलिए उनके फैसले के कारण को लेकर सामने आ रही चर्चाओं की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।



संचिता प्रधान डे के नाम वापस लेने के बाद नंदीग्राम में अब मुकाबले का समीकरण बदल गया है। बीजेपी ने इस सीट से हसीरानी रथ को उम्मीदवार बनाया है। वह मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के पूर्व निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की मां हैं। वहीं, रितब्रता बनर्जी के नेतृत्व वाले प्रतिद्वंद्वी टीएमसी गुट ने मोहम्मद एतेशामुल हक को नंदीग्राम से उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस और वाम मोर्चे ने भी अपने उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं।



नंदीग्राम विधानसभा सीट मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के सीट छोड़ने के बाद खाली हुई थी। 2026 के विधानसभा चुनाव में अधिकारी ने नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों से जीत दर्ज की थी और बाद में नंदीग्राम सीट छोड़ दी थी। इसी वजह से यहां उपचुनाव कराया जा रहा है। दूसरी ओर, रेजीनगर विधानसभा सीट हुमायूं कबीर के इस्तीफे के बाद रिक्त हुई। दोनों सीटों पर 6 अक्टूबर को मतदान और 9 अक्टूबर को मतगणना होगी।

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रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता