Bihar Politics: दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को इंडिया गठबंधन की ओर से 'वोट बचाओ, देश बचाओ' रैली का आयोजन किया गया। रैली के बाद इसकी सफलता को लेकर बीजेपी और विपक्षी दलों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी ने रैली को फ्लॉप बताते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष ने ट्रिक फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी के जरिए भीड़ को अधिक दिखाने की कोशिश की। इस पर तेजस्वी यादव ने बीजेपी पर पलटवार किया है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर रैली फ्लॉप थी तो बीजेपी नेता इतने बेचैन और परेशान क्यों हैं?
तेजस्वी यादव ने कहा कि इंडिया गठबंधन की रैली से बीजेपी और उसके सहयोगी दलों में काफी बेचैनी है। उन्होंने सवाल किया कि जब रैली फ्लॉप थी तो बीजेपी नेताओं को बार-बार इस पर बयान देने की जरूरत क्यों पड़ रही है? तेजस्वी ने आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोगों की गड़बड़ियां सामने आ रही हैं, जिसके कारण वे निराशा और हताशा में हैं।
उन्होंने कहा कि रैली के बाद बीजेपी नेताओं की बेचैनी और बढ़ गई है। तेजस्वी ने सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार की मदद से लोकतंत्र को कुचलकर सत्ता में बने रहने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बीजेपी नेताओं से इस तरह के बयान की ही उम्मीद की जा सकती है।
तेजस्वी यादव ने दिल्ली में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के बीच हुई मुलाकात को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लालू प्रसाद यादव स्वास्थ्य जांच के सिलसिले में दिल्ली आए थे। इसी दौरान सोनिया गांधी उनसे मिलने और उनका हालचाल जानने पहुंचीं।
तेजस्वी ने कहा कि दोनों नेताओं के बीच काफी लंबे समय से मुलाकात नहीं हुई थी। सोनिया गांधी और लालू प्रसाद यादव के पुराने और अच्छे संबंध रहे हैं। मुश्किल परिस्थितियों में भी दोनों नेताओं ने एक-दूसरे का सहयोग किया है। लालू प्रसाद यादव कांग्रेस की सरकार में केंद्र में मंत्री भी रह चुके हैं। उन्होंने बताया कि पुराने रिश्तों को निभाते हुए सोनिया गांधी लालू प्रसाद यादव की तबीयत की जानकारी लेने पहुंची थीं। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच पुरानी बातों को लेकर चर्चा और विचारों का आदान-प्रदान भी हुआ।
बता दें कि बीजेपी नेताओं ने रविवार को हुई विपक्ष की रैली को फ्लॉप करार दिया। बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने दावा किया कि रैली में 10 लाख लोगों के जुटने की बात कही गई थी, लेकिन मौके पर महज 5 से 7 हजार लोग ही पहुंचे। उन्होंने कहा कि रामलीला मैदान करीब 10 से 12 एकड़ में फैला है, लेकिन रैली के दौरान मैदान का लगभग 55 प्रतिशत हिस्सा खाली था। मंच, डी एरिया और पंडाल के कारण मैदान के कुछ हिस्से का इस्तेमाल नहीं हो सका। इसके बावजूद हजारों कुर्सियां खाली रह गईं और मैदान के पिछले हिस्से में भी भीड़ नजर नहीं आई। संबित पात्रा ने विपक्षी दलों पर ट्रिक फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी के जरिए भीड़ को बड़ा दिखाने का प्रयास करने का आरोप लगाया। बीजेपी के इन आरोपों के बाद तेजस्वी यादव ने पलटवार करते हुए रैली की सफलता का दावा किया और बीजेपी नेताओं के बयानों पर सवाल उठाए।





