ब्रेकिंग
भारी बारिश के बीच दिल्ली में बड़ा हादसा, निर्माणाधीन इमारत गिरी; मलबे में कई लोगों के दबने की आशंकाबिहार में ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा, सरकारी भवनों पर लगेंगे 500 मेगावाट सोलर प्लांटबिहार कैबिनेट का बड़ा फैसला: चार शहरों में विकसित होंगी आधुनिक सैटेलाइट टाउनशिपदहेज हत्या मामले में बड़ी कार्रवाई, पत्नी के मर्डर के आरोपी BDO के बाद अब महिला दारोगा गिरफ्तारमुकेश सहनी का यूपी में भाजपा पर बड़ा हमला, बोले- 'आरक्षण नहीं तो वोट नहीं', 2027 में निषाद समाज देगा जवाबभारी बारिश के बीच दिल्ली में बड़ा हादसा, निर्माणाधीन इमारत गिरी; मलबे में कई लोगों के दबने की आशंकाबिहार में ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा, सरकारी भवनों पर लगेंगे 500 मेगावाट सोलर प्लांटबिहार कैबिनेट का बड़ा फैसला: चार शहरों में विकसित होंगी आधुनिक सैटेलाइट टाउनशिपदहेज हत्या मामले में बड़ी कार्रवाई, पत्नी के मर्डर के आरोपी BDO के बाद अब महिला दारोगा गिरफ्तारमुकेश सहनी का यूपी में भाजपा पर बड़ा हमला, बोले- 'आरक्षण नहीं तो वोट नहीं', 2027 में निषाद समाज देगा जवाब

जल्दबाजी क्या है आराम से बनेगा स्मार्ट सिटी, सदन में घिरे मंत्री जी का जवाब सुनिए

PATNA : बिहार में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की कछुआ चाल को लेकर विधान परिषद में आज नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री सुरेश शर्मा की खूब फजीहत हुई सत्ता पक्ष लेकर विपक्ष तक के सद

FirstBihar
Anurag Goel
2 मिनट

PATNA : बिहार में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की कछुआ चाल को लेकर विधान परिषद में आज नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री सुरेश शर्मा की खूब फजीहत हुई सत्ता पक्ष लेकर विपक्ष तक के सदस्यों ने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की धीमी रफ्तार को लेकर जब मंत्री जी की घेराबंदी की तब उनका जवाब देखने वाला था मंत्री महोदय में साफ कर दिया कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के लिए 5 साल का समय है इसलिए हड़बड़ाने की कोई जरूरत नहीं।


सदन में कृष्ण कुमार सिंह के गया के संबंध में उठाए गए सवालों पर नगर विकास मंत्री सुरेश शर्मा  का कहना था कि कार्यकाल 3 वर्षों का नहीं है बल्कि 5 वर्षों का है इसलिए अभी समय है। उनका कहना है कि जो स्मार्ट सिटी की बात है उसका काम अगले तीन से चार महीनों में धरातल पर दिखने लगेगा। 2 सालों में जितने भी स्मार्ट सिटी है बिहार में उसका काम पूरा हो जाएगा।


कांग्रेस के एमएलसी प्रेमचंद मिश्रा ने कहा कि स्मार्ट सिटी के नाम पर 3 साल से पैसा आया है लेकिन नगर विकास मंत्री इस पर ध्यान नहीं देख रहे हैं। इससे तो यहीं साबित होता है कि यह विभाग सबसे अकर्मण्य विभाग है या तो वह इस योजना को लागू नहीं करना चाहते। उन्होनें कहा कि  वे या तो नीतीश कुमार के छवि को खराब करना चाहते हैं या फिर पैसों का सही इस्तेमाल नहीं करना चाहते । नगर विकास मंत्री जैसे पद पर वे रहने लायक नहीं है।


टैग्स