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चाचा को राहत-भतीजे को झटका: दिल्ली हाईकोर्ट में चिराग पासवान की याचिका खारिज, स्पीकर के फैसले को दी थी चुनौती

PATNA : बिहार के सियासत से जुड़ी इस वक्त एक बड़ी खबर दिल्ली से सामने आ रही है. पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के बेटे दिल्ली हाईकोर्ट से चिराग पासवान को एक बड़ा झटका लगा ह

चाचा को राहत-भतीजे को झटका: दिल्ली हाईकोर्ट में चिराग पासवान की याचिका खारिज, स्पीकर के फैसले को दी थी चुनौती
First Bihar
3 मिनट

PATNA : बिहार के सियासत से जुड़ी इस वक्त एक बड़ी खबर दिल्ली से सामने आ रही है. पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के बेटे दिल्ली हाईकोर्ट से चिराग पासवान को एक बड़ा झटका लगा है. दिल्ली हाईकोर्ट ने चिराग पासवान की याचिका को ख़ारिज कर दिया है. चिराग पासवान की पेटिशन में मेरिट नहीं होने के कारण कोर्ट ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया है, जो इन्होंने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के फैसले के खिलाफ डाली थी. 


दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि चिराग पासवान की याचिका में कोई आधार नहीं है. दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि मामला लोकसभा स्पीकर के पास पेडिंग है. लिहाजा आदेश देने की कोई जरूरत नहीं है. गौरतलब हो कि चिराग पासवान की ओर से कहा गया था कि पार्टी से निकले जाने के कारण पशुपति पारस एलजेपी के सदस्‍य नहीं हैं. चिराग ने लोकसभा अध्‍यक्ष ओम बिड़ला के उस फैसले को कोर्ट में चुनौती दी थी, जिसमें उनके चाचा केंद्रीय खाद्य प्रसंस्‍करण मंत्री पशुपति कुमार पारस के गुट को मान्‍यता दी है.


लोकसभा स्पीकर के वकील ने कोर्ट को बताया कि उन्होंने इस मामले में स्पीकर से बात की है.लोकसभा अध्यक्ष के वकील ने कहा कि इस याचिका पर सुनवाई का कोई आधार नहीं है. उनकी तरफ से जानकारी दी गई है कि इस प्रकरण को वो देख रहे हैं. वकील ने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का हवाला भी दिया. वकील की बात सुनकर हाईकोर्ट ने कहा कि हम इस मामले में अभी कोई आदेश नहीं दे सकते क्योंकि स्पीकर इस मामले को देख रहे हैं. 


पशुपति पारस की तरफ से पेश वकील ने कहा कि जो लेटर पारस ने लोकसभा अध्यक्ष को दिया था, उस समय पशुपति पारस पार्टी के चीफ व्हिप थे और बाद में पार्टी के लीडर चुने गए थे. कोर्ट ने कहा कि आपको चुनाव आयोग जाना चाहिए. यहां नहीं आना चाहिए था. कोर्ट ने कहा कि ये याचिका यहां पर मेंटिनेबल नहीं है. 


आपको बता दें कि चिराग पासवन की ओर से दाखिल याचिरा में कहा गया था कि पार्टी विरोधी गतिविधियों और शीर्ष नेतृत्व को धोखा देने की वजह से एलजेपी पहले ही पशुपति पारस को पार्टी से बाहर निकाल चुकी है. वे अब लोक जनशक्ति पार्टी के सदस्य नहीं हैं. राष्ट्रीय कार्यकारिणी में कुल 75 सदस्य हैं और इनमें से 66 सदस्य हमारे साथ हैं. सभी ने इसे लेकर हलफनामा दिया है. जमुई से सांसद चिराग पासवान का कहना है कि उनके चाचा पशुपति कुमार पारस के पास कोई ठोस आधार नहीं है.