Mukesh Sahani: विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के संस्थापक और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने आज उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ का दौरा किया। प्रतापगढ़ पहुंचने पर समर्थकों ने उनका स्वागत किया और उनके समर्थन में नारे लगाए। इस दौरान बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने हाथ में गंगाजल लेकर निषाद आरक्षण की मांग को लेकर संकल्प लिया। इसके बाद सहनी ने प्रेस वार्ता कर अपने अभियान और आगे की राजनीतिक रणनीति के बारे में जानकारी दी।
मुकेश सहनी ने कहा कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश में निषाद आरक्षण की मांग को लेकर एक अभियान चला रही है। उन्होंने दावा किया कि इस अभियान के तहत निषाद समाज के लोगों से गंगाजल हाथ में लेकर अपने अधिकार के लिए संकल्प कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रतापगढ़ में भी लोगों ने पूर्वजों को साक्षी मानकर आरक्षण की मांग को लेकर संकल्प लिया है।
सहनी ने कहा कि यह अभियान उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ के सभी सात विधानसभा क्षेत्रों में चलाया जा रहा है और 30 नवंबर तक पार्टी के नेता एवं कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर लोगों से संवाद करेंगे। उनके अनुसार, अभियान का उद्देश्य निषाद समाज के लोगों को आरक्षण से जुड़े मुद्दे के प्रति जागरूक करना है।
उन्होंने दावा किया कि अब तक करीब चार से पांच लाख लोगों ने संकल्प लिया है और आगे लगभग 50 लाख लोगों को इस अभियान से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। सहनी ने कहा कि 30 नवंबर के बाद पार्टी इस मुद्दे पर अपने राजनीतिक रुख को लेकर निर्णय लेगी।
सहनी ने कहा कि निषाद समाज लंबे समय से आरक्षण की मांग कर रहा है। उन्होंने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार से इस विषय पर निर्णय लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी का मानना है कि आरक्षण का मुद्दा निषाद समाज के बच्चों के भविष्य और सामाजिक अवसरों से जुड़ा हुआ है।
उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और निषाद पार्टी के अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद का भी उल्लेख किया। सहनी ने कहा कि उनकी ओर से डॉ. संजय निषाद को छह महीने का समय दिया गया है कि वे सरकार में रहते हुए निषाद आरक्षण के मुद्दे का समाधान कराने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा नहीं होता है तो वे उनसे विपक्ष की राजनीति करने की अपील करेंगे।
सहनी ने बताया कि वीआईपी वर्तमान में विपक्षी गठबंधन के साथ है और बिहार में उनकी पार्टी के नेतृत्व में चुनाव लड़ा गया है। उत्तर प्रदेश को लेकर उन्होंने कहा कि फिलहाल पार्टी का पूरा ध्यान निषाद आरक्षण के मुद्दे पर चल रहे अभियान पर है और 30 नवंबर के बाद आगे की राजनीतिक रणनीति तय की जाएगी।
उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान आयोजित कार्यक्रमों के वीडियो तैयार किए जा रहे हैं और उन्हें विभिन्न राजनीतिक दलों तथा नेताओं तक पहुंचाया जा रहा है। सहनी ने कहा कि निषाद समाज की आरक्षण संबंधी मांग को राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर प्रमुखता से उठाना उनके अभियान का मुख्य उद्देश्य है।





