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प्रशांत किशोर ने बीजेपी के नेताओं से बनाई दूरी, एक नाव पर सवार होकर भी नहीं बैठे साथ

PATNA : प्रशांत किशोर को लेकर बीजेपी और जेडीयू के बीच रिश्ते हाल के दिनों में तल्ख रहे हैं। इसका सीधा असर प्रशांत किशोर और बीजेपी नेताओं के रिश्तो पर भी पड़ा है। छठ के मौके पर आज य

FirstBihar
Santosh Singh
2 मिनट

PATNA : प्रशांत किशोर को लेकर बीजेपी और जेडीयू के बीच रिश्ते हाल के दिनों में तल्ख रहे हैं। इसका सीधा असर प्रशांत किशोर और बीजेपी नेताओं के रिश्तो पर भी पड़ा है। छठ के मौके पर आज यह तस्वीर और साफ हो गई।

दरअसल छठ के मौके पर पटना के गंगा घाटों के भ्रमण पर सीएम नीतीश के साथ निकले बीजेपी नेताओं से जेडीयू उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर ने दूरी बनाए रखी। बीजेपी नेताओं के साथ एक ही नाव की सवारी करने के बावजूद पीके दूर-दूर दिखे। नीतीश के साथ राज्यपाल फागू चौहान, केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी बैठे रहे लेकिन प्रशांत किशोर ने इन नेताओं के बीच बैठना जरूरी नहीं समझा। पीके बोट पर सवार हुए लेकिन वह बीजेपी नेताओं के साथ बैठने की बजाय दूर खड़े रहे। 

कभी बीजेपी के लिए चुनावी रणनीतिकार की भूमिका अदा कर चुके प्रशांत किशोर 2015 के विधानसभा चुनाव में बिहार के अंदर बीजेपी के खिलाफ और जेडीयू के लिए रणनीति बनाई थी। भले ही नीतीश कुमार ने एनडीए में जाने का फैसला कर लिया लेकिन प्रशांत किशोर बीजेपी के खिलाफ मुकाबले का कोई मौका नहीं छोड़ते। पीके की कंपनी आईपैक पश्चिम बंगाल में बीजेपी के खिलाफ ममता बनर्जी के लिए चुनावी रणनीति बना रही है। यही वजह है कि प्रशांत किशोर बीजेपी नेताओं के साथ खुद को सहज नहीं पाते और आज छठ के मौके पर भी यह असहजता फिर से देखने को मिली।

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