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बिहार में होगी जातीय जनगणना: हाईकोर्ट ने जातीय गणना के खिलाफ दायर याचिकाओं को खारिज किया

PATNA: बिहार में जातीय जनगणना का रास्ता साफ हो गया है. पटना हाईकोर्ट ने जातीय जनगणना के खिलाफ दायर याचिकाओं को खारिज कर दिया है. पटना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के विनोद चंद्रन की बेंच ने ये फैसला सुना

बिहार में होगी जातीय जनगणना: हाईकोर्ट ने जातीय गणना के खिलाफ दायर याचिकाओं को खारिज किया
Tejpratap
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PATNA: बिहार में जातीय जनगणना का रास्ता साफ हो गया है. पटना हाईकोर्ट ने जातीय जनगणना के खिलाफ दायर याचिकाओं को खारिज कर दिया है. पटना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के विनोद चंद्रन की बेंच ने ये फैसला सुनाया है. बता दें कि जातीय जनगणना के मामले पर पिछले 7 जुलाई से ही पटना हाईकोर्ट की बेंच ने अपना फैसला रिजर्व रखा था. आज फैसला सुनाया गया.


इससे पहले पटना हाईकोर्ट में चीफ जस्टिस के विनोद चंद्रन और जस्टिस पार्थ सार्थी की खंडपीठ ने 3 जुलाई से 7 जुलाई तक पांच दिनों तक जातीय गणना के खिलाफ याचिका दायर करने वालों और बिहार सरकार की दलीलें सुनी थी. इससे पहले 4 मई को पटना हाईकोर्ट ने जातीय गणना कराने के बिहार सरकार के फैसले पर रोक लगा दिया था. हालांकि ये रोक अंतरिम थी. हाईकोर्ट ने कहा था कि वह 3 जुलाई को इस मामले की सुनवाई करेगी. 


हाईकोर्ट की रोक के बाद बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का भी रूख किया था. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार को हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी होने का इंतजार करने को कहा था. बता दें कि नीतीश सरकार के जातिगत जनगणना कराने के फैसले के खिलाफ पटना हाईकोर्ट में 6 याचिकाएं दाखिल की गई थीं. इन याचिकाओं में जातिगत जनगणना पर रोक लगाने की मांग की गई थी. 


गौरतलब है कि बिहार में जाति की गणना की शुरुआत सात जनवरी से हुई थी. पहले फेज का काम पूरा हो गया था. इसके बाद दूसरे फेज का काम 15 अप्रैल से शुरू किया गया था. इसी बीच चार मई को पटना हाईकोर्ट ने अपने एक अंतरिम आदेश में जाति आधारित गणना पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दिया था. सरकार ने कोर्ट में कहा था कि जातीय गणना का लगभग 80 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है.