ब्रेकिंग
मामूली विवाद में खूनी खेल, चाकूबाजी में एक की मौत; तीन गंभीर घायल, इलाके में हड़कंपAshok Dham Stamped : 8 मौतों के बाद खुली प्रशासन की आंख! अब अशोक धाम में CCTV, बैरिकेडिंग और ‘एक ट्रेन’ का ज्ञानBihar News : बिहार के गांवों में अब खुलेगी मोबाइल नेटवर्क की पोल! डाक सेवक बताएंगे Airtel-Jio में किसका सिग्नल कितना दमदारबिहार में Student Credit Card लेने वालों के लिए बड़ी खबर! सरकार ने कॉलेजों पर कसा शिकंजा, अब होगी जमीनी जांचBihar weather : बिहार में फिर बदलेगा मौसम का मिजाज! 27 अगस्त तक बारिश का अलर्ट, पटना समेत इन इलाकों में बरसेंगे बादलमामूली विवाद में खूनी खेल, चाकूबाजी में एक की मौत; तीन गंभीर घायल, इलाके में हड़कंपAshok Dham Stamped : 8 मौतों के बाद खुली प्रशासन की आंख! अब अशोक धाम में CCTV, बैरिकेडिंग और ‘एक ट्रेन’ का ज्ञानBihar News : बिहार के गांवों में अब खुलेगी मोबाइल नेटवर्क की पोल! डाक सेवक बताएंगे Airtel-Jio में किसका सिग्नल कितना दमदारबिहार में Student Credit Card लेने वालों के लिए बड़ी खबर! सरकार ने कॉलेजों पर कसा शिकंजा, अब होगी जमीनी जांचBihar weather : बिहार में फिर बदलेगा मौसम का मिजाज! 27 अगस्त तक बारिश का अलर्ट, पटना समेत इन इलाकों में बरसेंगे बादल

आनंद मोहन को सरकार के तरफ से नहीं दी गई कोई छुट, बोले चीफ सेक्रेटरी ... सजा पूरी करने के बाद आए बाहर

PATNA : बिहार के पूर्व बाहुबली सांसद आनंद मोहन को आज जेल से रिहा कर दिया गया है। इसको लेकर जेल मैनुअल में बदलाव किया गया है। इस बदलाव के तहत ‘काम पर तैनात सरकारी सेवक की हत्या’ अंश को ह

आनंद मोहन को सरकार के तरफ से नहीं दी गई कोई छुट, बोले चीफ सेक्रेटरी ... सजा पूरी करने के बाद आए बाहर
Tejpratap
Tejpratap
2 मिनट

PATNA : बिहार के पूर्व बाहुबली सांसद आनंद मोहन को आज जेल से रिहा कर दिया गया है। इसको लेकर जेल मैनुअल में बदलाव किया गया है। इस बदलाव के तहत ‘काम पर तैनात सरकारी सेवक की हत्या’ अंश को हटा दिया गया। इसी से आनंद मोहन या उनके जैसे अन्य कैदियों की रिहाई का रास्ता साफ हुआ है। वहीं, अब इस पूरे मामले को लेकर बिहार में मुख्य सचिव ने सभी चीजों पर सरकार का पक्ष रखा है। 


बिहार के मुख्य सचिव आमिर सुबाहानी ने कहा कि, किसी को कोई छुट नहीं दिया गया है। इसको लेकर जो भी आपतियां जताई जा रही है उसकी गुंजाइश बनती नहीं है। जो नियम था या है उसमें कहीं भी आईएस को लेकर कुछ भी निर्देश नहीं दिया गया है। बल्कि लोकसेवक को लेकर कुछ बदलाव किए गए हैं और लोकसेवक एक छोटा कर्मचारी से लेकर बड़े अस्तर के अधिकारी होते हैं।  इसलिए आईएस के तरफ से इसका विरोध जताना उचित नहीं हो सकता। 


इसके आगे उन्होंने कहा कि, आनंद मोहन की रिहाई को लेकर इतनी बातें कहीं जा रही है तो फिर यह बता दूं कि, आनंद मोहन ने 15 वर्ष 9 माह 25 दिन की सजा की अवधि पूरी कर ली थी। इस लिए उनको छोड़ा गया न की सरकार के तरफ से उन्हें कोई राहत दी गई है। इसलिए किसी तरह से कोई विरोध की गुंजाइश नहीं है।