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भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर पर मांझी का अलग राग: पुलिसिया कार्रवाई को बताया सही, परिवार की भूमिका पर भी उठाए सवाल

Bihar Politics: केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने भोजपुर के भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर को न्यायसंगत बताते हुए पुलिस कार्रवाई का समर्थन किया। उन्होंने परिवार की भूमिका पर भी सवाल उठाए, जबकि एनडीए और विपक्ष के कई नेताओं ने एनकाउंटर पर आपत्ति जताई है।

Bihar News
मांझी का अलग राग
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Mukesh Srivastava
3 मिनट

Bihar Politics: हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM) के संरक्षक और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने भोजपुर में हुए भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर को एक बार फिर न्यायसंगत बताया है। रविवार को मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने पुलिस कार्रवाई का समर्थन किया और भरत भूषण तिवारी के परिवार की भूमिका पर भी सवाल उठाए।


मांझी ने कहा कि आए दिन पुलिसकर्मियों पर हमले हो रहे हैं। उन्होंने कहा, "पुलिस मरे तो ठीक है, लेकिन जब पुलिस किसी ऐसे व्यक्ति का एनकाउंटर करती है जो हथियार लेकर खड़ा हो, तो उसे गलत बताया जाता है। जो एनकाउंटर हुआ है, उसे हम जस्टिफाइड मानते हैं।"


उन्होंने भरत भूषण तिवारी के परिवार के उस दावे पर भी सवाल उठाया, जिसमें उसे मानसिक रूप से विक्षिप्त बताया गया था। मांझी ने कहा, "अगर वह विक्षिप्त था तो उसके हाथ में रिवॉल्वर क्यों थी? परिवार को उससे हथियार छीन लेना चाहिए था। इससे लगता है कि परिवार ने स्थिति को गंभीरता से नहीं लिया।"


केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि यदि कोई व्यक्ति पुलिस पर पिस्तौल तानता है, तो पुलिस के पास कार्रवाई करने के अलावा कोई विकल्प नहीं होता। उन्होंने कहा, "अगर वह पुलिसकर्मी को मार देता तो क्या होता? कोई पिस्तौल दिखाएगा तो पुलिस कार्रवाई जरूर करेगी।"


मांझी का यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर को लेकर एनडीए के कई नेताओं ने भी पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। हालांकि मांझी ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह राजनीति नहीं करते और न्यायिक जांच के बाद पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी।


भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में विपक्ष के साथ-साथ सत्ता पक्ष के नेताओं की भी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव सहित कई विपक्षी नेताओं ने इस घटना की आलोचना करते हुए इसे गलत बताया है। वहीं, एनडीए के भीतर भी जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे समेत कई नेताओं ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।


मामले को लेकर बढ़ते विवाद के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दो दिन पहले न्यायिक जांच के आदेश दिए थे। उन्होंने बताया कि इस मामले की जांच हाईकोर्ट के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश द्वारा की जाएगी, जिसके बाद पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आएगी।

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FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता