ब्रेकिंग
2 करोड़ लोग ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ से जुड़े, बोले प्रशांत किशोर..जनता की नाराजगी सरकार को समझनी चाहिएपटना के होटल में पॉलिटेक्निक छात्रा से छेड़छाड़ का प्रयास, पिता के सामने अगवा करने की कोशिशजन्मदिन पर नितिन नवीन से मिलने पहुंचे खेसारी लाल यादव, भाजपा में शामिल होने के सवाल पर बोले- ‘मैं RJD के साथ था, हूं और रहूंगा’विजय बनकर इमरान शेख ने हिंदू युवती से किया निकाह, जबरन धर्म बदलने और गोमांस खिलाने का आरोप, मुख्य आरोपी दो भाईयों के साथ गिरफ्तार‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की वेबसाइट ठप, अभिजीत दिपके ने केंद्र पर लगाया तानाशाही का आरोप2 करोड़ लोग ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ से जुड़े, बोले प्रशांत किशोर..जनता की नाराजगी सरकार को समझनी चाहिएपटना के होटल में पॉलिटेक्निक छात्रा से छेड़छाड़ का प्रयास, पिता के सामने अगवा करने की कोशिशजन्मदिन पर नितिन नवीन से मिलने पहुंचे खेसारी लाल यादव, भाजपा में शामिल होने के सवाल पर बोले- ‘मैं RJD के साथ था, हूं और रहूंगा’विजय बनकर इमरान शेख ने हिंदू युवती से किया निकाह, जबरन धर्म बदलने और गोमांस खिलाने का आरोप, मुख्य आरोपी दो भाईयों के साथ गिरफ्तार‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की वेबसाइट ठप, अभिजीत दिपके ने केंद्र पर लगाया तानाशाही का आरोप

Farmer Registry: JDU विधायक ने फार्मर रजिस्ट्री पर विधानसभा में अपनी ही सरकार को घेरा, कृषि मंत्री और डिप्टी सीएम दोनों को देनी पड़ी सफाई

Farmer Registry: बिहार विधानसभा में फार्मर रजिस्ट्री को लेकर जेडीयू विधायक ने अपनी ही सरकार से जवाब तलब किया। लंबित आवेदनों और कम प्रगति पर सवाल उठने के बाद कृषि मंत्री रामकृपाल यादव और डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी को सदन में सफाई देनी पड़ी।

Bihar Assembly news
© bihar vidhansabha tv
Mukesh Srivastava
4 मिनट

Bihar Assembly: बिहार विधानसभा में आज फिर से किसानों के फार्मर रजिस्ट्री का मामला सदन में उठा। जेडीयू विधायक ने इस मामले पर अपनी ही सरकार से जवाब मांग दिया। जिसके बाद कृषि मंत्री ने विधायक के सवालों का जवाब दिया हालांकि जेडीयू विधायक ने इसपर असंतोष जाहिर किया तब डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी को सदन में खुद इसका जवाब देना पड़ा।


दरअसल, गोपालगंज के बरौली से जेडीयू विधायक मंजीत कुमार सिंह ने फार्मर रजिस्ट्री का मामला सदन में उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार ने यह स्वीकार किया है कि राज्य के 38 जिलों में 85 लाख 53 हजार 570 पीएम किसान योजना के पंजीकृत लाभार्थी हैं। राज्य में पीएम किसान के अबतक कुल 25.28 फीसद लाभुकों का ही फार्मर आईडी बन सका है।


उन्होंने कहा कि विभागीय मंत्री ने इस बात को स्वीकार किया है कि वैसे किसान जिनकी जमाबंदी पूर्वजों के नाम पर है उन सभी किसानों को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से स्वयं नाम पर जमाबंदी की कार्रवाई चल रही है। मंत्री यह स्पष्ट बताएं कि बिहार में जो राजस्व अभियान चलाया गया जिसमें 44 लाख 95 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिसमें से अबतक कितने आवेदन का निपटारा किया गया है जिससे किसानों का आईडी ससमय बनाया जा सके और भारत सरकार ने इसके लिए क्या समय सीमा निर्धारित की है?


इस पर कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने जवाब देते हुए कहा कि मैंने विस्तार से इस सवाल का जवाब दे दिया है। उन्होंने कहा कि 17 फरवरी तक राज्य के कुल 45 लाख 18 हजार 744 किसानों का फॉर्मर आईडी बनाया जा चुका है। जिन किसानों की जमीन के सभी कागजात उपलब्ध हैं उनका आईडी तुरंत बनाया जा रहा है लेकिन जिनके कागजात में कोई समस्या है उसके लिए भी राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी किसानों का फार्मर आईडी बनेगा। इस दिशा में काम हो रहा है। किसी भी पात्र किसान को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना या अन्य किसी सरकारी योजना के लाभ से वंचित नहीं किया जाएगा।


जिसपर जेडीयू विधायक मंजीत कुमार सिंह ने कहा कि 44 लाख 95 हजार से अधिक आवेदन अबतक लंबित हैं। जिसका निपटारा नहीं होने के कारण किसानों के फार्मर आईडी नहीं बन पा रहे हैं। सरकार को यह बताना चाहिए कि कितने दिनों के अंदर जमाबंदी सुधार के लिए जो आवेदन प्राप्त हुए हैं, उसे कबतक पूरा किया जाएगा। मात्र 25 फीसद ही फार्मर आईडी बने हैं तो क्या केंद्र सरकार ने इसके लिए कोई समय सीमा निर्धारित की है। उसके संबंध में कोई जवाब नहीं दिया जा रहा है।


इसपर कृषि मंत्री ने कहा कि कृषि विभाग और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग संयुक्त रूप से काम कर रहे हैं और धर धर जाकर काम किया जा रहा है और शीघ्र ही सभी किसानों का फार्मर आईडी बनाया जाएगा। इसपर जेडीयू विधायक ने असंतोष जाहिर किया और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री विजय कुमार सिन्हा से जवाब मांगा। तब डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने इसका जवाब सदन में दिया।


डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि कृषि विभाग और राजस्व एंव भूमि सुधार विभाग ने विशेष तौर पर मिलकर एक संयुक्त अभियान चलाया और इसके लिए प्राइज के तौर पर 500 करोड़ रुपए असिस्टेंट के तौर पर सहयोग में हमे मिला। मात्र हमारी दो प्रतिशत इसमें उपलब्धि थी। दोनों विभागों ने मिलकर बिहार में पिछले डेढ से दो महीने में लगभग 50 लाख किसानों को इसमें जोड़ने का काम किया। दोनों विभागों का यह एतिहासिक कार्य है।

रिपोर्टिंग
F

रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता