Bihar Assembly : ‘दोगुना किया जाए विधायकों का फंड…’, एक साथ दिखे पक्ष और विपक्ष के MLA ; जानिए मंत्री का क्या रहा जवाब

बिहार विधानसभा में सत्ता और विपक्ष के विधायकों ने मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना की राशि 4 करोड़ से बढ़ाकर 8 करोड़ करने की मांग उठाई।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Thu, 19 Feb 2026 12:36:30 PM IST

Bihar Assembly : ‘दोगुना किया जाए विधायकों का फंड…’, एक साथ दिखे पक्ष और विपक्ष के MLA ; जानिए मंत्री का क्या रहा जवाब

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Bihar Assembly : बिहार विधानसभा के चालू सत्र में आज सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक एक मुद्दे पर एकजुट नजर आए। ध्यान आकर्षण के माध्यम से कई विधायकों ने मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना (CM Area Development Scheme) के तहत मिलने वाली राशि को 4 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 8 करोड़ रुपये करने की मांग उठाई। सदन में यह मुद्दा उठते ही पक्ष और विपक्ष दोनों ओर से समर्थन की आवाजें सुनाई दीं।


विधायकों का कहना था कि वर्तमान समय में विकास योजनाओं की लागत काफी बढ़ चुकी है। सड़क, नाली, सामुदायिक भवन, स्कूल भवन, पेयजल और अन्य आधारभूत संरचना से जुड़े कार्यों के लिए 4 करोड़ रुपये की राशि पर्याप्त नहीं है। कई विधायकों ने कहा कि महंगाई और निर्माण सामग्री की बढ़ती कीमतों को देखते हुए क्षेत्र की जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में राशि को दोगुना कर 8 करोड़ रुपये किया जाना जरूरी है ताकि विकास कार्यों में गति लाई जा सके।


ध्यान आकर्षण प्रस्ताव पर जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि विधायकों द्वारा उठाया गया सवाल महत्वपूर्ण है और सरकार इस पर गंभीरता से विचार करेगी। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की बातों को सरकार नजरअंदाज नहीं करती। योजना विकास मंत्री इस पूरे मामले की समीक्षा करेंगे और आवश्यक हुआ तो सरकार उचित घोषणा भी करेगी।


उपमुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना राज्य के विकास में अहम भूमिका निभाती है। इस योजना के तहत विधायक अपने-अपने क्षेत्रों में जरूरत के अनुसार छोटे-बड़े विकास कार्यों की अनुशंसा करते हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने में मदद मिलती है।


सदन की कार्यवाही के दौरान विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने कहा कि चूंकि योजना विकास मंत्री उस समय सदन में उपस्थित नहीं थे, इसलिए फिलहाल इस प्रश्न को स्थगित किया जाता है। उन्होंने कहा कि जब संबंधित मंत्री सदन में मौजूद रहेंगे, तब इस मुद्दे को दोबारा लिया जाएगा और विस्तृत चर्चा कराई जाएगी।


विधानसभा के लिए आज के दिन का यह दुर्लभ अवसर था जब सत्ता पक्ष और विपक्ष एक साथ किसी वित्तीय मांग पर सहमत दिखे। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार इस मांग पर क्या निर्णय लेती है। यदि राशि 8 करोड़ रुपये की जाती है तो इससे राज्य के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में विकास कार्यों को नई गति मिल सकती है।