BIHAR POLICE : डायल 112 के प्राइवेट ड्राइवर की दबंगई: पहले फ्री में ली 5 बोतल कोल्ड ड्रिंक, पत्रकार ने सच दिखाया तो पुलिस के सामने की मारपीट

पटना में 112 के प्राइवेट ड्राइवर ने फ्री में क्लोड़ड्रिंक ली और पत्रकार पर पुलिस के सामने हाथ उठाया। घटना पर नाराजगी और जांच की मांग।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Thu, 19 Feb 2026 02:07:36 PM IST

BIHAR POLICE : डायल 112 के प्राइवेट ड्राइवर की दबंगई: पहले फ्री में ली 5 बोतल कोल्ड ड्रिंक, पत्रकार ने सच दिखाया तो पुलिस के सामने की मारपीट

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BIHAR POLICE : बिहार की राजधानी पटना में कोतवाली थाना क्षेत्र के दरोगा रायपथ इलाके में आज एक शर्मनाक और विवादास्पद घटना सामने आई। बताया जा रहा है कि यहां एक चार-पहिया वाहन दुर्घटना के बाद कोतवाली थाना परिसर में लाया गया। इस दौरान क्विक रिपॉन्स टीम यानी डायल 112 की गाड़ी चलाने वाला निजी ड्राइवर अपनी दबंगई का प्रदर्शन करता नजर आया।


घटना की शुरुआत तब हुई जब चार-पहिया वाहन के ड्राइवर को दुर्घटना के बाद थाने लाया गया। 112 डायल का ड्राइवर, बिना किसी अनुमति या भुगतान के, उस वाहन के ड्राइवर से दो-तीन ठंडी ड्रिंक की बोतलें मुफ्त में ले लिया। यह कार्रवाई केवल स्वयं में अनुचित ही नहीं थी, बल्कि सार्वजनिक स्थान पर और वाहन के मालिक के सामने हुई, जिससे यह घटना और भी गंभीर हो गई।


इस घटना के दौरान कुछ मीडिया कर्मी मौके पर मौजूद थे। उन्होंने 112 ड्राइवर से यह सवाल किया कि क्या उसने ११२ वाहन के ड्राइवर से पैसे लिए या नहीं। ड्राइवर का जवाब था की वह लोग पैसे कहाँ देते हैं। इसके बाद 112 का ड्राइवर मीडिया कर्मियों को गालियां देना शुरू कर दिया और वहां से चला गया। इसके बाद, कुछ ही समय में वह वापस आया और पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में पत्रकार पर हाथ उठाना शुरू कर दिया। यह न केवल एक व्यक्तिगत हमला था, बल्कि पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में ऐसा होना कानून और अनुशासन दोनों के खिलाफ था।


पुलिसकर्मी मौके पर ड्राइवर को कई बार समझाने की कोशिश करते रहे, लेकिन उसकी दबंगई और अमर्यादित व्यवहार पर कोई नियंत्रण नहीं पाया जा सका। यह घटना क्विक रिपॉन्स टीम की कार्यप्रणाली और निजी ड्राइवरों की अनुशासनहीनता पर गंभीर सवाल उठाती है। आम जनता और मीडिया समुदाय में इस घटना को लेकर नाराजगी है।


पटना के कोतवाली थाना क्षेत्र में दरोगा रायपथ पर हुई यह घटना न केवल कानून और व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि पत्रकारों और आम नागरिकों की सुरक्षा की अहमियत को भी सामने रखती है। इस घटना से स्पष्ट हो गया है कि जिम्मेदारियों की अनदेखी और अनुशासनहीनता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जा सकती।


पटना से सूरज कुमार की रिपोर्ट