Holi Flight Fares : सिंगापूर से अधिक महंगा मुंबई से पटना का किराया, होली पर टिकट की किल्ल्त ने बढ़ाई सबकी टेंशन; आप कर सकते हैं उपाय

Holi Flight Fares: होली के मौके पर घर लौटने की चाह रखने वाले बिहार के लोगों के लिए इस बार हवाई यात्रा बेहद महंगी हो गई है. मांग बढ़ने और सीटें सीमित होने के कारण यात्रियों को भारी कीमत चुकानी पड़ रही है.

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Thu, 19 Feb 2026 01:44:05 PM IST

Holi Flight Fares : सिंगापूर से अधिक महंगा मुंबई से पटना का किराया, होली पर टिकट की किल्ल्त ने बढ़ाई सबकी टेंशन; आप कर सकते हैं उपाय

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Holi Flight Fares : होली का त्योहार नजदीक आते ही अपने घर बिहार लौटने की चाहत रखने वाले लाखों प्रवासी कामगारों और पेशेवरों के सामने इस बार हवाई किराया सबसे बड़ी चुनौती बनकर खड़ा हो गया है। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और चेन्नई जैसे महानगरों से पटना आने वाली फ्लाइटों का किराया इस कदर बढ़ गया है कि उसने अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को भी पीछे छोड़ दिया है। स्थिति ऐसी है कि घर वापसी अब भावनाओं से ज्यादा जेब की मजबूरी बनती जा रही है।


सबसे चौंकाने वाली तुलना मुंबई से पटना और दिल्ली से सिंगापुर की उड़ानों के किराए में देखने को मिल रही है। जहां दिल्ली से सिंगापुर जाने वाली IndiGo की फ्लाइट का किराया लगभग 15,497 रुपये के आसपास बताया जा रहा है, वहीं मुंबई से पटना की सीधी उड़ान का टिकट 17,000 रुपये के पार पहुंच चुका है। सामान्य दिनों में 7 से 8 हजार रुपये में मिलने वाला यह टिकट अब दोगुने से भी अधिक दाम पर बिक रहा है। सोशल मीडिया पर लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर घरेलू उड़ानों का किराया अंतरराष्ट्रीय यात्रा से महंगा कैसे हो सकता है।


केवल मुंबई ही नहीं, बल्कि दिल्ली से पटना की उड़ानें भी आम दिनों की तुलना में तीन गुना तक महंगी हो गई हैं। जहां सामान्य तौर पर 4 से 5 हजार रुपये में टिकट मिल जाता था, वहीं अब यही किराया 13,000 रुपये तक पहुंच गया है। बेंगलुरु और चेन्नई जैसे आईटी हब से आने वाले पेशेवरों को भी 15,000 रुपये से अधिक खर्च करने पड़ रहे हैं। 1 और 2 मार्च की तारीखों में सबसे अधिक दबाव देखा जा रहा है, क्योंकि अधिकांश लोग होली से ठीक पहले अपने घर पहुंचना चाहते हैं।


हवाई किराए में इस बेतहाशा बढ़ोतरी की मुख्य वजह ट्रेनों में लंबी वेटिंग लिस्ट को माना जा रहा है। दिल्ली और मुंबई से बिहार आने वाली प्रमुख ट्रेनों में कंफर्म टिकट मिलना लगभग नामुमकिन हो गया है। कई ट्रेनों में वेटिंग 200 से 300 के पार पहुंच चुकी है। मजबूरी में यात्री फ्लाइट का रुख कर रहे हैं, जिससे डिमांड अचानक बढ़ गई है और एयरलाइंस ने किराया बढ़ा दिया है।


रेलवे ने यात्रियों की भीड़ को देखते हुए कुछ होली स्पेशल ट्रेनें जरूर चलाई हैं, लेकिन वे भी पर्याप्त साबित नहीं हो रही हैं। दूसरी ओर, राज्य सरकार करीब 200 होली स्पेशल बसें चलाने की तैयारी में है, ताकि आम लोगों को कुछ राहत मिल सके। हालांकि लंबी दूरी और समय की कमी के कारण बड़ी संख्या में लोग हवाई यात्रा को ही प्राथमिकता दे रहे हैं। जबकि कुछ जगहों से सरकारी बस भी चलायी जा रही है। 


विशेषज्ञों का मानना है कि त्योहारों के दौरान डिमांड और सप्लाई का असंतुलन ही किराए में उछाल का प्रमुख कारण होता है। सीमित सीटें और बढ़ती मांग एयरलाइंस को किराया बढ़ाने का अवसर देती हैं। हालांकि यात्रियों की नजर में यह स्थिति शोषण जैसी लगती है।


इस बार की होली कई परिवारों के लिए भावनात्मक और आर्थिक दोनों तरह की परीक्षा बन गई है। जो लोग समय बचाने के लिए फ्लाइट चुन रहे हैं, उनके लिए यह सफर किसी लग्जरी ट्रिप से कम खर्चीला नहीं है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या त्योहारों के दौरान किराया नियंत्रण को लेकर कोई ठोस नीति बनाई जानी चाहिए, ताकि घर लौटने की खुशी महंगी न पड़े।