1st Bihar Published by: First Bihar Updated Thu, 19 Feb 2026 03:41:37 PM IST
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Matuknath Choudhary Love Story: एक दौर था जब पटना यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर मटुकनाथ चौधरी का नाम देशभर की सुर्खियों में छाया हुआ था। साल 2006 में अपनी छात्रा जूली के साथ प्रेम प्रसंग ने उन्हें ‘लव गुरु’ का तमगा दिलाया था। विवाद, विरोध और बर्खास्तगी के बीच उनकी प्रेम कहानी ने खूब चर्चा बटोरी। वक्त बदला, हालात बदले, लेकिन अब 72 साल की उम्र में एक बार फिर मटुकनाथ का दिल धड़क उठा है, और इस बार उनकी जिंदगी में जूली नहीं, बल्कि एक रहस्यमयी ‘जानू’ की एंट्री हुई है।
फेसबुक पोस्ट से शुरू हुई नई चर्चा
मटुकनाथ चौधरी ने हाल ही में अपने फेसबुक पेज पर एक भावुक पोस्ट साझा की, जिसने फिर से उन्हें चर्चा के केंद्र में ला दिया। उन्होंने एक ऐसी महिला का जिक्र किया, जो उनसे प्रेम करने का दावा करती है, लेकिन उसके प्रेम की शर्त कुछ अलग है। महिला चाहती है कि मटुकनाथ उनकी रचनाएं पढ़ें और उन पर विस्तार से टिप्पणी करें।
मटुकनाथ ने अपनी पोस्ट में सवाल उठाया, क्या यह प्रेम है या कोई जिम्मेदारी? उन्होंने लिखा कि प्रेम के बदले प्रेम होना चाहिए, कोई सौदा नहीं। जब उन्होंने महिला से साफ कह दिया कि वे यह सब नहीं कर पाएंगे, तो सामने से जो जवाब मिला, उसने उन्हें चौंका दिया।
महिला ने दो टूक कहा “आप किस लायक हैं कि मैं आपको प्यार के बदले प्यार दूं? आप पढ़ सकते हैं, लिख सकते हैं, वही कीजिए।” इतना ही नहीं, उसने यह तक कह दिया — “तुम केवल प्यास जगा सकते हो, बुझा नहीं सकते।”
‘जानू’ शब्द ने कर दिया कमाल
इन तीखे शब्दों के बाद मटुकनाथ आहत हो गए थे। उन्होंने मन बना लिया था कि अब प्रेम के रास्ते पर नहीं चलेंगे। लेकिन तभी एक फोन कॉल ने पूरी कहानी पलट दी। दूसरी तरफ वही महिला थी, जिसने प्यार से पूछा — “मुझसे नाराज हो जानू?”
मटुकनाथ लिखते हैं कि ‘जानू’ शब्द सुनते ही जैसे मुरझाया पौधा फिर से हरा हो गया। उन्होंने स्वीकार किया कि इस एक संबोधन ने उनकी नाराजगी पिघला दी। आखिरकार उन्होंने हामी भर दी कि वे महिला की रचनाएं भी पढ़ेंगे और टिप्पणियां भी करेंगे, ताकि संवाद और जुड़ाव बना रहे।
जूली और मटुकनाथ की पुरानी प्रेम कहानी
हालांकि, बिहार के लोगों के लिए मटुकनाथ का नाम आज भी जूली के साथ जुड़ा है। साल 2006 में जब वे पटना यूनिवर्सिटी में हिंदी के प्रोफेसर थे और जूली उनकी छात्रा थीं, तब दोनों के रिश्ते ने जबरदस्त विवाद खड़ा कर दिया था। इस प्रकरण के बाद विश्वविद्यालय ने उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया था। हालांकि बाद में उन्होंने कानूनी लड़ाई जीती और 2013 में दोबारा बहाल हुए।
बहाली के बाद उन्होंने अपनी जीत का जश्न जूली के साथ मनाया और उन्हें एक कार भी उपहार में दी थी। उस प्रेम कहानी ने उन्हें ‘लव गुरु’ की पहचान दिलाई, जो आज तक कायम है।
फिर धड़का दिल, फिर उठे सवाल
अब 72 वर्ष की उम्र में मटुकनाथ चौधरी की नई प्रेम कहानी ने एक बार फिर लोगों का ध्यान खींच लिया है। सोशल मीडिया पर उनकी पोस्ट वायरल हो रही है और लोग इस नए ‘इश्क’ पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।