1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Thu, 19 Feb 2026 01:33:40 PM IST
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Bihar Police News: गोपालगंज के मांझागढ़ थाना में तैनात डायल 112 के एक सिपाही से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस विभाग ने विस्तृत प्रेस विज्ञप्ति जारी कर पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट की है। प्रशासन ने वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों को भ्रामक बताया है।
जिला पुलिस के अनुसार, मांझागढ़ थाना में तैनात सिपाही सुनील कुमार के व्यवहार में पिछले कुछ समय से चिड़चिड़ापन और मानसिक अस्थिरता के लक्षण देखे जा रहे थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन थाना अध्यक्ष राजीव कुमार ने स्टेशन डायरी में इसकी विधिवत एंट्री की थी। संभावित अप्रिय घटना की आशंका के मद्देनजर उनके पास मौजूद सरकारी पिस्टल को सुरक्षित रूप से जमा करा लिया गया।
30 जनवरी 2026 को सनहा दर्ज कर उनका सरकारी हथियार पुलिस लाइन के कोषागार (मालखाना) में नियमानुसार जमा कर दिया गया और उन्हें लाइन हाजिर कर दिया गया था। कहा गया है कि इसके बावजूद संबंधित सिपाही ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर आरोप लगाया कि उनका हथियार छीन लिया गया और उन्हें जान से मारने की धमकी दी जा रही है। हालांकि प्रारंभिक जांच में ये आरोप निराधार और भ्रामक पाए गए हैं।
सदर एसडीपीओ-2 राजेश कुमार ने बताया कि सिपाही मानसिक रूप से अस्वस्थ थे और सामान्य व्यवहार नहीं कर पा रहे थे। अधिकारियों के प्रति आपत्तिजनक भाषा के प्रयोग के बाद सुरक्षा कारणों से उनका पिस्टल जब्त कर मालखाना में जमा कराया गया। उनके द्वारा लगाए गए आरोपों में कोई तथ्य नहीं पाया गया है।
पुलिस प्रशासन ने बताया कि सिपाही की सुरक्षा और मानसिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए उन्हें दो पुलिसकर्मियों की निगरानी में सरकारी वाहन से उनके घर पहुंचाया गया। फिलहाल वे परिवार के संरक्षण में हैं और उन्हें इलाज के लिए अवकाश दिया गया है।
जिला पुलिस प्रशासन ने कहा है कि मामले की लगातार निगरानी की जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर आगे भी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आम लोगों से अपील की गई है कि सोशल मीडिया पर अपुष्ट या भ्रामक जानकारी साझा करने से बचें, ताकि अफवाहों पर रोक लगाई जा सके।
रिपोर्ट- नमो नारायण मिश्रा, गोपालगंज